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Bhadohi(UP) – B.K.Shivani Bahen Addresses the Public Programme

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Candle Lighting by Shivani Bahen, Vijaylaxmi Bahen, Surender Didi Arti Bahen, Parnita Bahen, Radha Bahen & Others

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कालीन के साथ अब शांति होगी भदोही की पहचान – शिवानी
 
भदोही, यूपी। ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के नवनिर्मित विश्व शांति भवन का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के माननीय राज्यपाल श्री राम नाईक के कर कमलों द्वारा हुआ। भवन के उद्घाटन के इस शुभ अवसर पर इंद्रा मील स्थित, भरत मौर्या की कंपनी में पब्लिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन करते हुए अंतर्राष्ट्रीय राजयोग शिक्षका ब्र.कु.शिवानी ने कहा कि जैसे भदोही की पहचान कालीन से है और उसे भारत ही नहीं बल्कि सात समुंदर पार विदेशों में भी ख्याति प्राप्त है तो वैसे ही इस भवन के नाम के अनुरूप इसकी पहचान दुनियाभर में दिलानी है। इसके लिए जरूरी है कि हमें अपने गुस्से को त्यागते हुए शांति को अपनाना होगा। हमें वैसा शांति चाहिए जो भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में जाना जाए। लोग कहें कि भदोही में सिर्फ कालीन ही नहीं बल्कि शांति भी है। किसी के चेहरे पर तनाव तो दूर शिकन तक नहीं है। लोग दूर-दूर से कालीन ही नहीं बल्कि शांति की भी खोज में आएं और कहें वाकई भदोही के लोग शांतिप्रिय हैं। ऐसा होने पर ही विश्व शांति भवन की सार्थकता होगी। क्योंकि विश्व शांति भवन एक स्थान नहीं, बल्कि विश्व में शांति लाने वाली आत्मा है। हम जहां-जहां होंगे हमारे संकल्पों से शांति के प्रथम पुंज हमारे घर में, ऑफिस में और हमारे शहर में फैल जाएंगे। इसके लिए प्रयास नहीं पक्का संकल्प लेने होंगे, तभी हम विश्व में शांति ला पाएंगे। 
 
खुश रहने के लिए दुआएं कमाएं
 
अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वक्ता ब्र.कु.शिवानी ने भदोही के लोगों को खुश रहने का मंत्र दिया। कहा, खुश रहने के लिए सात्विक भोजन करना चाहिए। क्योंकि जैसा अन्न हम ग्रहण करेंगे वैसा ही हमारा मन और वैसा ही हमारा तन भी होता है। सामाजिक ताना-बाना कमजोर न हो इसके लिए दुआएं कमाएं। उन्होंने सत्कर्म के साथ धन कमाने की जरूरत बताई। कहा, किसी को दु:ख देकर कमाएं गए धन से लक्ष्मी की कृपा हासिल नहीं होती है। पैसा आने के बावजूद मन की शांति खो जाती है। रिश्तों में टकराहट आने लगती है। इनसे बचने का एकमात्र उपाय सत्कर्म है। 
 
ध्यान से मिलता है आत्मा को बल
 
ब्रह्माकुमारी शिवानी बहन ने ध्यान ध्यान करने के सरल उपाय भी सिखाए। कहा राजयोग के द्वारा मन में होने वाली हलचलों पर नियंत्रण पाया जा सकता है। जीवन में मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। सफलता के लिए लगन और अनुशासन दोनों जरूरी है। ध्यान से आत्मा शक्तिशाली बनती है। जब आत्मा शक्तिशाली होगी तो किसी भी चुनौती को सफलता में बदला जा सकता है। जो भी व्यक्ति हर रोज ध्यान करेगा उसकी आत्मा शक्तिशाली होगी। शक्तिशाली आत्मा इंसान को सफलता की ऊंचाईयों तक ले जाती है। बहन शिवानी इस बात से सहमत नहीं दिखी कि ध्यान व अध्यात्म के लिए किसी विशेष जगह या देश देश महत्वपूर्ण होता है। उनका यह मानना है कि यह इंसान के संस्कारों में होता है। जिस भी इंसान की इसमें रूचि होगी, वो इसके प्रति आकर्षित होगा। संसार में तेजी से हो रहे बदलाव के बारे में ब्र.कु.शिवानी बहन ने कहा कि परिवर्तनों का होना अच्छी बात है लेकिन चीजों के बदलाव में इंसान के सिद्धांत नहीं बदलने चाहिए। 
 
शांति की दूत बनी शिवानी दीदी
 
जीवन की कठिन समस्याओं को सहज समाधान प्रदान कर अपने विद्वतापूर्ण व्याखानों से मन के भावों को उत्साहित करने वाली बहन शिवानी दीदी महाराष्ट्र के पुणे शहर से 1995 में इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग की है। उन्होंने यहां से गोल्ड मेडल भी प्राप्त की है।  वहीं से शिवानी बहन का अचानक अध्यात्म की ओर झुकाव हुआ और तभी से ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय से जुड़ गई। तभी से देश-विदेश में प्रवचन कर रही हैं।  बहन शिवानी गत 20 वर्षों से ब्रह्माकुमारी संस्थान से जुड़कर वर्तमान परिपेक्ष्य में आध्यात्मिक जीवन को उसके चरम तक ले जाने के लिए देश में नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी विशेष पहचान बना चुकी हैं। उनके प्रवचनों का प्रसारण आस्था, इंडिया टूडे एवं संस्कार आदि चैनलों में निरंतर हो रहा है।

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