Home News-s
News-s

0 78

The 15th Edition of LCOY (Local Conference of Youth) was inaugurated on 2nd November at Shantivan, Abu Road. LCOY-India is an annual event officially recognised by the United Nations Framework Convention on Climate change & its official youth-constituency called YOUNGO.

 

The Inaugural event was graced by Rajyogini Dadi Ratan Mohini, Rajyogi BK Mruthyunjaya, Rajyogini BK Sheilu, Mr. Prabhjot Sodhi, Sr. Coordinator, UNDP India and Mr. Akash Vashishtha, Advocate, Supreme Court of India & Secretary of the Society for the Protection of Environment and Biodiversity.

 

Mr. Prabhjot Sodhi praised the efforts of Brahma Kumaris and its presence worldwide. He urged the participants to shed the ‘weight’ of mind and explore a good life which is guided by principles. He said, “Our good actions give us the motivation and means to change things in ways needed for better life.” Mr. Akash Vashistha gave statistics on how environment is moving towards disaster and asked the youths to take initiative and personal responsibility to reduce impact on earth and move towards a sustainable future. The crisis of a growing global population, desertification, the contamination of water, and damage to the atmosphere itself demands a radical change in our society at every level.

Rajyogi BK Mruthyunjaya said that the mental pollution is the seed of all pollution and negativity. “A polluted mind conceives polluted thoughts, which are then translated into polluted and contaminated words and actions. Negative influences of vices of anger, greed, sex lust, attachment and ego have led to an unprecedented rise in a global pollution.   Youth should not just hope that government or other officials will magically transform our world but should focus on daily thoughts, actions and decisions that can have a positive impact on the environment.” He asked the participants to pledge to plant at least one sapling in a year.

Rajyogini Sheilu Behn said, ‘we all need to awaken greater environmental awareness. There is a deep connection between our consciousness, thoughts and actions, and their impact on the world. The values of love, compassion, sharing and caring are needed to restore the beauty of this world. The youth should focus on creating positive thoughts which can help to keep up their initiative and mobilization.’

Rajyogini Dadi Ratan Mohini Ji gave her blessings to all the participants and asked each to cooperate and collaborate with each other through positive actions and happy faces.

0 109

Mount Abu (RJ): The Brahma Kumaris, Gyan Sarovar celebrated its 25th Anniversary Diwali at Academy Campus in a grand manner. The senior members of the Brahma Kumaris Family from India and abroad including BK Dadi Ishu, Joint Chief of Brahma Kumaris; BK Munni, General Manager, Shantivan; Dr. Nirmala, Director of Gyansarovar; BK Jayanti, Director of Brahma Kumaris in Europe and the Middle East Region; BK Karuna, Media Head of the Brahma Kumaris; Dr. Pratap Midha, Director, Global Hospital; BK Atam Prakash, Chief Editor of Gyanamrit; BK Bhupal, Manager, Shantivan, BK Ashok Gaba, Chairperson, Security Wing etc. attended this event.

BK Karuna, Chairperson of Media Wing said that Diwali represents lighting the flame of Divine Knowledge and dispelling the darkness of ignorance. He acknowledged the divine services of 40,000 dedicated Brahma Kumaris sisters and 10,000 brothers in 140 countries of the world.

Dr. BK Nirmala, Director of Gyan Sarovar Academy expressed her gratitude towards all the prominent personalities and audience members for attending the event. She gave special thanks to those who offered services for making this program happened at Gyan Sarovar 25 years ago.

BK Munni, General Manager & Programme Director of the Brahma Kumaris recounted the founding days of Gyansarovar and those many personalities who had offered great services to this place. She also expressed a wish for a movie of divine services of Gyan Sarovar be made on Silver Jubilee Occasion. Sister BK Jayanti from London conveyed his good wishes for this grand event.

0 280
माउंट आबू, ज्ञान सरोवर, ३० अगस्त २०१९: आज ज्ञान सरोवर स्थित हार्मनी हॉल में ब्रह्माकुमारीज एवं आर ई आर एफ की भगिनी संस्था, “युवा सेवा प्रभाग” के संयुक्त तत्वावधान में एक अखिल भारतीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का विषय था ‘युवा महोत्सव और ध्यानाभ्यास शिविर’. इस सम्मेलन में देश सैकड़ों युवा प्रतिनिधिओं ने भाग लिया। दीप प्रज्वलन के द्वारा सम्मेलन का उद्घाटन सम्पन्न हुआ।
 
ग्वालियर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति, सम्मेलन के मुख्य अतिथि राम शंकर सिंह ने कहा की इस ग्रह पर जीवन का अस्तित्व अरबों वर्षों से है। करोड़ों प्राणी इस पृथ्वी नामक ग्रह पर निवास करते हैं।  मगर मात्र इंसान ही ऐसा प्राणी है जो अपनी बेहतरी के लिए यहां अपने मस्तिष्क का प्रयोग करता है। भारत वर्ष एक ऐसा देश है जहां हर बात में अनेकता है मगर फिर भी यहां के लोग सनातन काल से मिल जुल कर प्रेम से रहते हैं।  यही विशेषता है इस देश की।  स्वर्णिम भारत रुपी विषेशन इसके लिए उचित है।  
सत्य एक है मगर विद्वान् जन इसकी व्याख्या अलग अलग तरीकों से करते हैं।  आज सत्य को छुपाने और हिंसा को प्रसारित करने का प्रयत्न जारी है।  इसके लिए मुख्य रूप से तकनीक जिम्मेवार है।  हिंसा से मुक्ति कैसे मिले और सत्य को कैसे स्थापित क्या जाए – यह एक मुख्य चिंता की बात है।  सत्य के काले बादलों का नाश ब्रह्मा कुमारियाँ करेंगी , ऐसा मेरे विश्वास है।  यहां शांति -प्रेम और अहिंसा का सह अस्तित्व मैं देख पा रहा हूँ. आप सभी युव जनों से मेरा अनुरोध है कि स्वयं के अंदर प्रेम की ज्योति को सदैव जलाते रहना। माँ , बाप , भाई , बहन और और पूरी दुनिया को भर पूर प्रेम करना।  
 
युवा सेवा प्रभाग की उपाध्यक्ष राजयोगिनी चन्द्रिका दीदी ने अध्यक्षीय प्रवचन दिया।   आपने कहा की यहां एक अव्यक्त सत्ता हम सभी को अनवरत निहार रही है और वह सत्ता है ईश्वरीय सत्ता।  यह सच है की हम सभी उनको नहीं देख पा रहे , मगर उनकी यहां लगातार उपस्थिति है। अब हमारा  प्रयत्न ऐसा रहे की हम सभी उस अव्यक्त सत्ता को यहां महसूस कर सकें।  उस महसूसता से ही हम सभी को जीवन की एक नई दिशा मिलेगी।  हमारा यह जीवन काफी मूल्यवान  है।  अतः हम सभी को अपने जीवन को दो चार मूल्यों से अवश्य संवारने का यत्न करना चाहिए।  एक तो समय का मूल्य समझ कर उसकी कदर करना परम आवश्यक है।  दूसरे जीवन में सदैव सकारात्मकता बनी रहनी चाहिए।  सत्य और प्रेम के बिना तो जीवन सूना है ही।  
 
प्रभाग की क्षेत्रीय संयोजक राजयोगिनी प्रभा दीदी ने भी अपने उदगार रखे।  आपने कहा की हर कोई जीवन में उमंग और उत्साह की कामना रखता है।  हमारा यह सम्मेलन इसी  लक्ष्य को लेकर आयोजित किया गया है। ज्ञान सरोवर का यह प्रांगण उमंग और उत्साह से भरपूर है तथा ज्ञान और शान्ति का यह एक कुंड है।  सभी युवा प्रतिनिधियों को आने वाले तीन दिनों में यहां की ऊर्जा को आत्म सात करना है और अपने जीवन को मूल्य वान बनाना  है।   
 
युवा सेवा प्रभाग की राष्ट्रीय संयोजक ब्रह्मा कुमारी कृति बहन ने भी सम्मेलन को सम्बोधित किया।  आपने कहा की आज का युवा एक दोराहे पर खड़ा है और तय नहीं कर पा रहा है की उसे किस दिशा में जाना है।  हम इस सम्मेलन के माध्यम  से उनको दिशा देना चाहते हैं।  हम अनेक वर्षों से युवाओं को उनकी क्षमता के अनुसार विकास करने और साथ ही साथ योग के मार्ग पर चलते रहने की प्रेरणा प्रदान करते आये हैं।  युवाओं के जीवन को भारतीय संस्कृति के अनुसार मूल्यों से युक्त करना ही हमारा लक्ष्य है।
  
युवा सेवा प्रभाग के मुख्यालय संयोजक राजयोगी आत्म प्रकाश जी ने पधारे हुए सभी प्रतिनिधिओं का हार्दिक स्वागत किया।  बी के रोहित भाई ने सर्व को धयवाद दिया।  बी के जीतू ने कार्यक्रम का संचालन किया। सम्मेलन के प्रारम्भ में डॉक्टर बी के दामिनी एक सुंदर स्वागत गीत प्रस्तुत किया।  

0 374
हजारों लोगों ने श्रद्धांजलि देकर की विश्व बन्धुत्व की कामना
दादी प्रकाशमणि की पुण्य तिथि पर उमड़ा जन सैलाब, कतार बद्ध होकर पुष्पांजलि
आबू रोड, 25अगस्त, निसं। ब्रह्माकुमारीज संस्था की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि की 12वीं पुण्य तिथि पर हजारों लोगों ने प्रकाश स्तम्भ पर पुष्पांजलि अर्पित कर विश्व बन्धुत्व की कामना की। इस अवसर पर प्रात: काल से ही ध्यान प्रार्थना का दौर चलता रहा। अल सुबह से ध्यान और मेडिटेशन कर विश्व बन्धुत्व की कामना की गयी। पूरे शांतिवन परिसर में 15 हजार से ज्यादा लोगों के होने के बाद भी पूरा परिसर शांति की दुनिया में तब्दील था।
इसके बाद प्रात: 8 बजे ब्रह्माकुमारीज संस्था की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी ईशू दादी समेत सभी वरिष्ठ लोगों ने प्रकाश स्तम्भ पर थोड़े समय मौन रहकर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज संस्थान की कार्यक्रम प्रबन्धिका तथा पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि की पूर्व व्यक्तिगत सचिव राजयोगिनी बीके मुन्नी ने दादी के संग के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि दादी के हर कर्म और बोल में मानवता के कल्याण का संकल्प रहता था। उनके लिए चाहे छोटा हो या बड़ा हर कोई अपना समझता था। उनका जीवन विश्व कल्याण के लिए समर्पित था। दादी ने पूरे विश्व में नारी शक्ति की मिसाल कायम की।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज संस्था के महासचिव बीके निर्वेर ने कहा कि दादी एक यूनिवर्सल मॉं थी। वे जहॉं भी जाती थी वहॉं हर कोई उनका हो जाता था। इसलिए आज भी उनकी यादें लोगों के जेहन में ताजा हो जाती है। हमें दादी के संकल्पेां को पूरा करने का संकल्प करना चाहिए। मीडिया प्रभाग के अध्यक्ष बीके करूणा ने कहा कि दादी आध्यात्मिकता की अति उंचाईयों को छू चुकी थी। उनके सामने जाने से ही आत्म दर्शन होने लगता था।

कार्यक्रम में महाराष्ट्र जोन प्रभारी बीके संतोष दीदी, ब्रह्माकुमारीज संस्था के कार्यकारी सचिव बीके मृत्युंजय, शांतिवन प्रबन्धक बीके भूपाल, अमेरिका से आयी पूर्व सैन्य अधिकारी डॉं हंसा रावल समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।फोटो, 25एबीआरओपी, 1, 2, 3, 4, 5 दादी के प्रकाश स्तम्भ पर श्रद्धांजलि अर्पित करती मुन्नी बहन तथा अन्य पदाधिकारी, प्रकाश स्तम्भ पर उमड़ी भीड़, कतार बद्ध होकर पुष्पांजलि करते लोग।

0 310
समाज को सुखी बनाता महान विभूतियों का तप 
दादी प्रकाशमणि स्मृति दिवस कार्यक्रम
 
माउंट आबू, कर्नल डी. के. fसह, स्टेशन कमांडर आर्मी स्टेशन माउंट आबू ने कहा कि महान विभूतियां बिना किसी भेदभाव के अपने त्याग, तपस्या के बल पर सम्पूर्ण मानवता की सेवा में अपने जीवन को समर्पित कर समाज को सुखी बनाती हैं। ब्रह्माकुमारी संगठन की ओर से समाज को सही राह दिखाने के लिए की जा रही सेवायें मानव जीवन के चरित्र का उत्थान करने में सार्थक सिद्ध हो रही हैं। वे सोमवार देर शाम विश्व बन्धुत्व दिवस के रूप में मनाई जा रही दिवंगत राजयोगिनी डॉ. दादी प्रकाशमणि के १२वें स्मृति दिवस पर ब्रह्माकुमारी संगठन के अतंर्राष्ट्रीय मुख्यालय पंाडव भवन स्थित ओम शांति भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मीडिया प्रभाग अध्यक्ष बीके करूणा ने कहा कि भौतिकता व अध्यात्मिकता के उचित समन्वय से समाज को परिवर्तन करने में समाज के हर वर्ग का योगदान जरूरी है।
प्रसिद्ध गायक व संगीतकार ओम व्यास मुंबई ने राजस्थानी संस्कृति की महिमा करते हुए कहा कि विलक्षण प्रतिभा की धनी दादी प्रकाशमणि हमेशा मानवीय, नैतिक, अध्यात्मिक, चारित्रिक आदि मूल्यों को बढ़ावा देने में संलग्न रहती थीं।
पालिका अध्यक्ष सुरेश थिंगर ने कहा कि जब महिलाओं को समाज में दोयम दर्जे का नागरिक माना जाता था ऐसे समय में दादी प्रकाशमणि ने महिलाओं का एक विशाल संगठन खड़ा कर सामाजिक व्यवस्थाओं के साथ उन्हें अहम दायित्व सौंप कर एक चुनौतीपूर्ण कार्य को अंजाम दिया।
महा सचिव सौरभ गांगडिय़ा ने कहा कि माउंट आबू तपस्यास्थली है। इस होलीस्थल को विश्व के मानसपटल पर ख्याति प्राप्त कराने में ब्रह्माकुमारी संगठन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ईश्वर के कार्य में हर व्यक्ति को संगठन से जुडक़र कार्य करने में आगे आना चाहिए।
खेल प्रभाग उपाध्यक्ष बीके शशि बहन ने दादी प्रकाशमणि के संस्मरण सुनाते हुए कहा कि निर्मलचित्त, निर्माणता की मूर्ति दादी के जीवन में सर्व के प्रति अपनेपन की भावना स्पष्ट रूप से झलकती थी।
ग्लोबल अस्पताल निदेशक डॉ. प्रताप मिढ्ढा ने कहा कि दादी जी न केवल अध्यात्म को प्राथमिकता देती थीं बल्कि सामाजिक, स्वास्थ्य को बेहतर बनाये रखने के लिए खेलकूद आदि गतिविधियों में भी आगे रहती थीं।
समाज सेवा प्रभाग मुख्यालय संयोजक बीके अवतार ने कहा कि दादी जी मानव समुदाय को सदैव यही शिक्षा देती थीं कि वे संयमित जीवन अपनाकर विकारों का त्याग कर सुख शांतिमय समाज की स्थापना की जा सकती है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

0 240

World Renowned speaker Sister BK. Shivani visited Hyderabad for two days on 17th and 18th August 2019. All the programme were grand success. Total 3 events for guests and 1 event for BKs were organised. These programmes were conducted in the Global Peace Auditorium of Brahma Kumaris – Shanti Sarovar, Hyderabad.

Overall about 9000 souls got benefitted from these events including several IPs and VIPs. Participants had deeply enjoyed the talks and meditation. As several participants visited Brahma Kumaris campus for the first, they all could feel the pure positive vibrations prevailing at Brahma Kumaris campus. Hundreds of people registered for follow up meditation camp which is organised at all centres of Hyderabad-Secunderabad.

The interesting part is that several top VIPs and IPs heard from Sister Shivani all the 2 hours and were very much refreshed and enlightened.

Kuldeep Didi, Director, Shanti Sarovar has organised Yog shivirs in all the centres.

Few of the top dignitaries who participated in various events of Sister Shivani were:

  • Hon’ble Speaker of Telangana Assembly, Sri Pocharam Srinivas Reddy ji
  • Honourable Home Minister Sri Mohd. Mahmood Ali ji
  • Smt. K. Kavita, Ex. MP, daughter of Chief Minister
  • Justice Amarnath Goud, Judge High Court of Telangana
  • Sowmya Mishra IPS, Addl DG
  • Govardhan Reddy, MLA, Nizamabad
  • Justice Eshwaraiah, Former Chairman NCBC
  • Gopala Krishnananda Swamiji
  • A.K. Goyal, Special Chief Secretary
  • Mr. Murali Mohan, Actor & Owner Jayabheri Villas
  • Vivekananda, MLA
  • Ajit Kumar, MLA
  • Anjaneyulu, MLA and others.

दुनिया की पहली इको फ्रेडली अन्तर्राष्ट्रीय मैराथन में उमडा सैलाब, 1 घंटा 19 मिनट में नापी 21 किमी की दूरी
भारत सहित कई देशों के शामिल हुए दो हजार प्रतिभागी

आबू रोड, 19 अगस्त, निसं। प्रदेश के दूसरी अन्तर्राष्ट्रीय मैराथन का दर्जा प्राप्त दादी प्रकाशमणि अन्तर्राष्ट्रीय मैराथन में धावकों का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रात: काल से सही धावकों का जमावड़ा लग गया। मौसम का मिजाज भी अंतराष्ट्रीय मैराथन की अनुकूल था। इस अन्तर्राष्ट्रीय मैराथन का उदघाटन करने पहुंची जिला प्रमुख पायल परसराम पुरिया ने कहा कि यहॉं की मैराथन पूरे विश्व में एक इतिहास बनायेगी क्योंकि यह पहली अन्तर्राष्ट्रीय मैराथन है जिसमें प्लास्टिक का बिल्कुल उपयोग नहीं किया गया है। इससे आने वाले पर्यटकों के लिए एक अच्छा संदेश जायेगा।
उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज संस्थान पिछले पांच वर्षाे से यह आयोजन कर रहा है। इसमें हजारों लोग प्रतिवर्ष शामिल होते हैं। संस्थान का यह प्रयास निश्चित तौर पर सदभावना और विश्व बन्धुत्व का संचार होगा।
राजस्थान के पूर्व मुख्य उप सचेतक तथा कांग्रेस नेता रतन देवासी ने कहा कि दादी प्रकाशमणि अन्तर्राष्ट्रीय मैराथन का दर्जा प्राप्त हुुआ है। यह माउण्ट आबू तथा प्रदेश के लोगों के लिए गौरव की बात है। सुप्रसिद्ध गुजराती फिल्म अभिनेत्री पल्लवी पाटिल ने कहा कि हम तो सामान्यतौर पर फिल्मों की दुनिया में रहती हूॅं। लेकिन आज इस आयोजन में शामिल होकर एक नयी उर्जा मिली है। इससे ही समाज के युवाओं में एक जोश आयेगा। इस दौरान ब्रह्माकुमारीज संस्था के कार्यकारी सचिव बीके मृत्युंजय ने भी अपनी शुभकामनाएं देते हुए मेराथन में सफलता के लिए शुभकामनाएं दी।
कार्यक्रम में आये नगरपालिका माउण्ट आबू के चेयरमैन सुरेश थिंगर तथा आबू रोड पालिका के चेयरमैन सुरेश सिंदल ने कहा कि यह ऐतिहासिक दिन है। जब यह मैराथन अब अन्तर्राष्ट्रीय मैराथन के नाम से जानी जायेगी और दुनिया भर के धावक भाग लेगे। पूर्व चैम्पियन धावक सुनिता गोदारा, समेत कई लोगों ने अपने अपने विचार व्यक्त किये।
ये रहे मौजूद: इस अवसर पर सोशल एक्टिविटी ग्रुप के अध्यक्ष बीके भरत, साइंटिस्ट एवं इंजिनियर प्रभाग के राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर मोहन सिंघल, महिला प्रभाग की मुख्यालय संयोजिका बीके डॉ सविता, मुकेश मिश्रा, बीके मोहन, बीके भानू, बीके सचिन, बीके चन्दा, बीके कृष्णा, बीके रामसुख मिश्रा, बीके कोमल समेत कई लोग उपस्थित थे।
हाफ मैराथन दौड़ तलहटी मनमोहिनीवन से आरंभ होकर, बाघनाला, छीपाबेरी, सातघूम, आरणा,  माउंट आबू प्रवेश द्वार से गौमुख चौक, बस स्टेंड, रोटरी सर्कल, चाचा म्युजियम चौक, अंबेडकर चौंक, नक्की मार्केट, भारत माता नमनस्थल, दादी प्रकाशमणि मार्ग होते हुए ओम शान्ति भवन में संपन्न हुई। सवेरे छह बजे संगठन के तलहटी स्थित मनमोहिनीवन से अतिथियों की ओर से हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई मैराथन दौड़ में कनाडा, इथोपिया, केन्या, नेपाल समेत देश के विभिन्न राज्यों से आए करीब 2500 सहभागियों ने हिस्सा लिया।
ये रहे विजेता:
21.01 किलोमीटर की हॉफ मैराथन के पुरुष वर्ग में केन्या के ऐरेडा बेराहू ने एक घंटा 19 मिनट 48 सेकेण्ड, अबदारहमान असरार ने एक घंटा 19 मिनट 49 सेकेण्ड, मोहम्मद सादिक हिसगागू ने एक घंटा 22 मिनट 22 सेकेण्ड में; 
महिला वर्ग में उत्तर प्रदेश की अर्पिता सैनी ने एक घंटा 35 मिनट 56 सेकेण्ड,  केन्या की अलेमू आदिसालेम ने 1 घंटा 36 मिनट 22 सेकेण्ड, अगाहु जिनेट अडेके ने एक घंटा 37 मिनट 8 सेकेण्ड का समय लगाकर क्रमश पहला, दूसरा व तीसरा स्थान प्राप्त किया। 

0 165
माउंट आबू ( ज्ञान सरोवर ), १० अगस्त २०१९। आज ज्ञान सरोवर स्थित हार्मनी हॉल में ब्रह्माकुमारीज एवं आर ई आर एफ की भगिनी संस्था, “राजनीतिज्ञ सेवा प्रभाग” के संयुक्त तत्वावधान में एक अखिल भारतीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का विषय था’ विकट समय के लिए आध्यात्मिक सशक्तिकरण’. इस सम्मेलन में देश तथा नेपाल के सैकड़ों राजनीतिक प्रतिनिधिओं ने भाग लिया। दीप प्रज्वलन के द्वारा सम्मेलन का उद्घाटन सम्पन्न हुआ।
 
असम के पूर्व मुख्यमंत्री प्रफुल्ल कुमार महंत ने मुख्य अतिथि के रूप में अपना विचार प्रस्तुत किया। आपने बताया की आप काफी पहले से इस संस्था से साथ जुड़े हुए हैं। ब्रह्मा कुमारीस की निःस्वार्थ सेवाओं से आप काफी प्रभावित हैं। आपने कहा की इस सम्मेलन में पधारे हुए सभी राजनेता यहां की शिक्षाओं से काफी लाभ प्राप्त करेंगे। सभी धर्म के लोग इस शिक्षा से प्रकाशित हुए हैं। यह संस्था महान कार्य कर रही है।
 
ज्ञान सरोवर की निदेशक तथा एशिया पसिफ़िक ब्रह्माकुमारीज़ की प्रभारी राजयोगिनी दीदी निर्मला जी ने आज के सम्मेलन में अध्यक्षीय प्रवचन प्रस्तुत किया। आपने कहा कि आज हरेक व्यक्ति को आध्यात्मिक शक्ति की जरूरत है। पारिवारिक सम्बन्ध , आर्थिक दशा , राजनैतिक स्थति सभी आज गड़बड़ होते ही रहते हैं। और उसपर राज नेताओं पर काफी बड़ी जिम्मेवारी है। उनको काफी बल चाहिए दायित्व के निर्वहन के लिए। अतः धार्मिकता व आध्यात्मिकता का जीवन में समावेश अनिवार्य है। गाँधी ने भी तभी सफलता प्राप्त की थी। आप भाग्यशाली हैं की इस परमात्म भूमि पर पधारे हैं। यहाँ की शिक्षाओं को अपना कर आप हर क्षेत्र में सफलता पाएंगे।
 
राजनीतिज्ञ सेवा प्रभाग के अध्यक्ष राजयोगी बृजमोहन भाई ने आज का मुख्य प्रवचन दिया। आपने कहा की यहां पधारे हुए राजनीतज्ञ करोड़ों लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। आपकी आवाज दूर दूर तक सुनी जाती है. कभी भारत वर्ष में श्री लक्ष्मी श्री नारायण का राज्य था। ये सम्पन्नता की प्रतिमूर्ति थे। प्रजा भी उस समय सम्पन्न थी। हमारे देवी देवता तब धार्मिक सत्ता भी थे। प्रकृति भी उनकी दासी थी। आज का हाल पूरी तरह अलग है। आज के लोगों का, राजनेताओ का हर प्रकार का सशक्तिकरण तो हुआ है मगर उनका आध्यात्मिक सशक्तिकरण नहीं हो पाया है.
 
आज दुनिया इस हद तक असहाय हो गयी है की कहती है, में करना तो चाहता हूँ कल्याण लोगों का मगर कर नहीं पाता। यह काफी दुखद स्थिति है। अब प्रजा तंत्र का समय आ गया है। उम्मीद की जाती है की एक दो लोग तो बुरे हो सकते हैं मगर लोगों का एक समूह बुरा नहीं होगा। मगर यह प्रयोग भी विफल हो गया है। दरअसल आज मनुष्य अपना ही शत्रु बना हुआ है। वह ५ विकारों का गुलाम हो गया है। जब वह अपनी इस ग़ुलामी से मुक्त होगा तब सुधार होगा। इसके लिए उनको आध्यात्मिक मार्ग को अपनाना होगा। खुद को आत्मा मानने से श्रेष्ठ मूल्य जीवन में आ जाते हैं और हम शक्तिशाली बन जाते हैं.
 
डॉक्टर शोभाकर पराजुली, पूर्व सांसद, नेपाल ने भी अपने विचार प्रकट किये। आपने कहा की शायद पूर्व जन्म में मैंने कोई शुभ कर्म किया होगा – तभी इस सम्मेलन में उपस्थित होने का भाग्य मुझे मिला है। इस पवित्र भूमि पर आने के बाद जो अनुभूति हो रही है वह प्रकट नहीं कर सकता। जुबान गूंगी हो गयी है। दिल प्रेम से भरा हुआ है। श्रद्धा से भरा हुआ है। मैं अपनी और सम्पूर्ण नेपाल वासिओं की ओर से सम्मेलन को अपनी शुभ कामनाएं दे रहा हूँ।
डॉक्टर सीता सिन्हा, बिहार सरकार में पूर्व मंत्री और पटना विश्व विद्यालय में प्रोफेसर ने कहा कि यहाँ आते ही यहां के माहौल का प्रभाव हमें उत्साहित कर देता है। एक अनूठी ऊर्जा भर जाती है जीवन में। यहां सही विषय पर चर्चा हो रही है। राजनीतिज्ञों के लिए और सभी के लिए जीवन को आध्यात्मिकता से संचालित करना अनिवार्य है। तभी वह सही दिशा में जा पायेगा। इसके बिना जीवन भौतिकता की जकड में फँस कर बर्बाद होता रहेगा। राजयोग से जीवन को आध्यत्मिकता से संवारा जा सकता है।
 
मनहर बालजीभाई जाला सफाई कर्मचारी संघ, भारत सरकार के अध्यक्ष ने कहा कि आज का दौर एक अजीब चिंतन का विषय है। क्या कहा जाए ? अगर कहूँ की यह स्थान एक आध्यात्मिक स्वर्ग है तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। सम्मेलन का विषय महत्वपूर्ण है। भारत कभी विश्व गुरु था। आज वैसा नहीं है। आज भी अगर हम अपने जीवन में आध्यात्मिकता का समावेश करेंगे तो फिर से देश विश्व गुरु बन जाएगा और दुनिया को दिशा दिखलायेगा।
 
राजनीतिज्ञ सेवा प्रभाग की राष्ट्रीय संयोजक राजयोगिनी लक्ष्मी दीदी ने भी शुभकामनायें दीं. आपने बताया की जो अपने जीवन का ध्यान रखते हैं वही दूसरों के जीवन का भी ख़याल रख सकते हैं। आत्मा के सातों गुणों के अलावा सत्यता भी जीवन में चाहिए। प्रारम्भ में मनुष्य मात्र उत्तम प्रकृति के ही थे। धीरे धीरे पतन हुआ है। आज फिर से अपने जीवन में आध्यात्मिकता को अपना कर श्रेष्ठता धारण कर सकते हैं।

0 322
आज ज्ञान सरोवर स्थित हार्मनी हॉल में ब्रह्माकुमारीज एवं आर ई आर एफ की भगिनी संस्था, “धार्मिक सेवा प्रभाग” के संयुक्त तत्वावधान में एक अखिल भारतीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का विषय था ‘परमात्म शक्ति द्वारा स्वर्णिम युग’. इस सम्मेलन में देश के सैकड़ों धर्म प्रेमी प्रतिनिधिओं ने भाग लिया। दीप प्रज्वलन के द्वारा सम्मेलन का उद्घाटन सम्पन्न हुआ।
ज्ञान सरोवर की निदेशक राजयोगिनी डॉक्टर निर्मला दीदी ने भी सम्मेलन को अपना आशीर्वाद दिया। आपने कहा कि माउंट आबू परमात्म अवतरण भूमि है। यहां परमात्मा ने अनेक वर्षों तक अपनी साक्षात उपस्थिति दर्ज़ की है और अपनी शिक्षाएं प्रदान की हैं। परमात्मा तो सभी गुणों और मूल्यों के सागर हैं। जो कार्य संसार में अनेक वर्षों या हज़ारों वर्षों में कोई नहीं कर पाया – वह कार्य परमात्मा ने आकर चंद वर्षों में ही कर दिखाया। पतित दुनिया को पावन बनाने का कार्य परमात्मा ने किया है। परमात्मा का सर्व खज़ाना पाने के लिए उनको जान कर और समझ कर योग सीखना है और पावन बनने का पुरुषार्थ करना है।
राजयोगिनी गोदावरी दीदी, उपाध्यक्ष,धार्मिक सेवा प्रभाग, मुलुंड, मुंबई ने भी अपने विचार रखे। आपने बताया की हर बार राजयोग के द्वारा ही स्वर्णिम दुनिया की स्थापना हुई है और आगे भी होती रही है। ओम शांति एक ऐसा महा मंत्र है जो संसार में शांति की स्थापना कर के ही रहेगा।
आज युवा पीढ़ी का हाल बुरा है। अन्य का भी हाल बुरा है। इनकी अवस्था सुधारने के लिए भगवान् को आना पड़ता है। आज वे यहां आकर संसार को सुधार कर सुन्दर स्वर्ग बना रहे हैं।
धार्मिक सेवा प्रभाग की अध्यक्षा राजयोगिनी मनोरमा दीदी ने अपने उद्बोधन में सम्मेलन को बताया कि कभी तो परमात्मा ने स्वर्णिम युग के स्थापना की होगी ? अगर ऐसा नहीं हुआ होता तो आज इस बात की चर्चा क्यों होती है ?बताया जाता है की राम राज्य में किसी प्रकार का दुःख दारिद्रय नहीं था। कोई विकार बुराई नहीं थी। मगर आज के संसार को देख कर संशय होता है क्या वैसी दुनिया कभी थी ? आज दुनिया में बुराई – विकार का बोलबाला है। गीता में बताया गया है की धर्म की ग्लानि होने पर परमात्मा का अवतरण होता है। परमात्मा ने आकर बताया है की आत्म भान की विस्मृति से सब कुछ बर्बाद हुआ है। आत्म स्मृति से ही खोये हुए मूल्यों को फिर से प्राप्त कर पाएंगे। राजयोग ध्यानाभ्यास से ही जीवन सफल होगा।
कथाकार जगन्नाथ जी पाटिल महाराज ने अपनी शुभ कामनायें सम्मेलन को दीं। आपने कहा कि यहां आने पर शांति की विशेष अनुभूति हो रही है। ओम शांति का उद्घोष हर तरफ सुनाई दे रहा है। क्रोध मुक्ति के लिए बोध की जरूरत है। शांति की स्थापना के लिए हर होम में ओम शांति की जरूरत है। आपने यह बताया कि सुकरात को भी भारत के किसी गुरु की चाहना थी। यह भारत की विशेषता हमेशा रही है इसने विश्व को मार्ग दिखलाया है।
राष्ट्रीय संत रामेश्वर तीर्थ जी.तन्मय धाम, ओम्कारेश्वर ने सम्मेलन को शुभकामनायें दीं। यहां आकर मैं साकार परमात्मा के दर्शन कर रहा हूँ सभागार में। आप तकलीफ उठा कर यहां तक पहुंचे हैं और यहां से लौटकर अनेक लोगों के दुःख दर्द का निवारण करेंगे। अपने कर्म से आप अनेक दिलों में अपने लिए स्थान बना लेते हैं। कर्म योग श्रेष्ठ है। योग सीख कर संसार का कल्याण करें। महानता धारण करें। इसके लिए जीवन को होम करना पड़ता है।
स्वामी कैलाश स्वरूपानंद जी, अखंड गीता मंदिर, अम्बाला ने अपनी शुभकामनायें रखीं। आयोजकों तथा पधारे हुए सभी अतिथियों को शुभकामनायें दीं। कहा मन प्रफुल्लित है। जिस शक्ति से सम्पूर्ण विश्व संचालित है , उस परमात्मा की शक्ति से स्वर्णिम युग की स्थापना अवश्य होगी। यहां आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। ओम शांति का अनुभव कर रहा हूँ। यहाँ कण कण में शांति की अनुभूति कर रहा हूँ।
१०८ साध्वी विजय लक्ष्य पुरी,शिव शक्ति मंदिर, मोंगा ने भी अपने विचार रखे। आपने आह्वान किया की यहाँ अधिक से अधिक संख्या में लोग पधारें और यहां की शिक्षाओं को जीवन में धारण करें। यहां पवित्रता को धारण करना आसान है। यहां की सादगी और पवित्रता अनुकरणीय है। बच्चों को भटकन से बचाने के लिए ये शिक्षा काफी कारगर है।
दिलीप सिंह जी रागी, नांदेड़ ने अपने विचार रखे। कहा की किस तरह से हम स्वर्णिम युग स्थापित करेंगे इसपर आने वाले ३ दिनों में विचार होगा जो स्वागत योग्य है।
धार्मिक सेवा प्रभाग के राष्ट्रीय संयोजक बी के रामनाथ भाई ने अतिथियों का स्वागत किया। आपने कहा आज शिक्षा में आध्यात्मिक ज्ञान की कमी है। आत्मा का सही ज्ञान नहीं है। यही कारण है की लोग आज भौतिकवाद की चपेट में फंसे हुए हैं। स्वर्ग में देवी देवताओं के जीवन में अनेक गुण और मूल्य होते हैं। आध्यात्मिकता को जीवन में स्थान देकर उन्होंने यह पद पाया है।

0 198

नये ज्ञान द्वारा नया भारत राष्ट्रीय सम्मेलन सम्पन्न हुआ

मूल्यनिष्ठ शिक्षा एवं आध्यात्मिकता नई शिक्षा नीति में होगे शामिल – डॉ0 रमेश पोखरियाल

राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सुझाव के लिए बढ़ी अवधि

नई दिल्ली 29 जुलाईः शिक्षा समाज व देश की रीढ़ की हड्डी होती है और यह सम्मेलन एक समाज, एक देश नहीं अपितु समूचे विश्व के लिए विचार विमर्श हेतू है क्योंकि मूल्यों एवं आध्यात्मिकता सभी को आवश्यकता है, इसी से सुख शान्ति की प्राप्ति होती है जो सभी की जरूरत है। हम विश्व को अपना परिवार मानते है और परिवार में प्यार होता है। यह बातकेन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ0 रमेश पोखरियाल ने ब्रह्मा कुमारी संस्था के शिक्षा विभाग द्वारा भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के साथ स्थानीय अम्बेडकर इंटरनेशन सेन्टर में आज आयोजित नये ज्ञान द्वारा नया भारत राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन भाषण में कहीं।

माननीय प्रधानमंत्री के नये भारत निर्माण के संकल्प के साकार करने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि लीडरशिप में इच्छा शक्ति होती है तो सारे परिवर्तन स्वतः होने लगते हैं और यह नई शिक्षा नीति उसी को सृदढ़ करने के लिए है जिससे देश शिखर पर पहुँच जायेगा।

उन्होंने ब्रह्मा कुमारी द्वारा 140 देशों में मूल्य शिक्षा के प्रंशसा करते हुए कहा कि आपका सोचना, बोलना, करना और उसका रिजल्ट इन्हीं विचारों को लेकर जा रहे हैं। उन्होंने ब्रह्मा कुमारी के शिक्षा प्रभाग द्वारा विभिन्न विश्वविद्यालयों के मूल्यनिष्ठ शिक्षा पाठ्यकम्र की गतिविधियों पर संकलित पुस्तिका का विमोचन किया तथा उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सुझाव के लिए दो सप्ताह समय अवधि बढ़ाने का भी ऐलान किया।

ब्रह्मा कुमारी शिक्षा प्रभाग के अध्यक्ष तथा कार्यक्रम के मुख्य संयोजक ब्र0कु0मृत्युंजय ने कहा कि भारत सरकार की नई शिक्षा नीति में मूल्यनिष्ठ शिक्षा एवं आध्यमिक चरित्र उत्थान प्रणाली को शामिल करने के साथ-साथ हर शैक्षणिक संस्थान में आत्मचिंतन, प्रभुचिन्तन तथा मेडिटेशन की चिन्तन प्रयोगशाला का भी प्राविधान होना जरूरी है।

उन्होंने आगे कहा कि बाहरी वातावरण स्वच्छता के साथ-साथ मानसिक स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए स्कूल कॉलेज विधार्थीयों को वृक्षारोपण और जल संरक्षण की दिशा में प्रेरित और प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। ब्रह्मा कुमारी संस्था द्वारा चलायी जा रही क्लीन द माईन्ड एण्ड ग्रीन द अर्थ अभियान इसी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में है। भारत को विश्व गुरू बनाने की दिशा में उन्होंने भारत सरकार से एक ग्लोबल आध्यात्मिक विश्वविद्यालय की स्थापना की अपील भी की।

सुप्रसिद्ध प्रेरणादायी वक्ता ब्र0कु0शिवानी ने कहा कि स्कूल एवं कॉलेजो में पहला आधा घण्टा आध्यात्मिक शिक्षा का होना चाहिए, क्योंकि जो पढ़ते है, देखते हैं, सुनते हैं उसी से हमारे संस्कार बनते है और संस्कार से ही हमारा संसार बनता है। साथ ही संस्कार रूपी खुराक अच्छी हो तो हमारी इमोशनल हैल्थ अच्छी होगी जिससे मन की बिमारी डिप्रेशन के शिकार नहीं होगें।

यू.जी.सी.के अध्यक्ष प्रो0डी.पी.सिंह ने इस अवसर पर कहा कि भारत सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव कर रही है। शिक्षा में अध्यात्म और ध्यान बच्चों को सही दृष्टिकोण,जीवन जीने की कला और श्रेष्ठ संस्कार सिखायेगा जिससे उनका जीवन में सर्वांगीण विकास होगा।

मिडिल ईस्ट, उत्तरी अफ्रिका व दक्षिण एशिया के क्यू.एस. इन्टेलीजेन्स यूनिट के निदेशक अश्विन ने कहा कि नई शिक्षा प्रणाली में लाईफ स्क्लि और आध्यात्मिक प्रज्ञा को जोड़ने की आवश्यकता है।

रूड़की के प्रोफसर व लेखक डॉ0 योगेन्द्र नाथ शर्मा ने कहा कि हमें संस्कार परिवार से मिलते है और शिक्षा स्कूल में मिलती हैं। अभिभावकों को अपनी इच्छा को बच्चों पर थोपना नहीं चाहिए।

रशिया स्थित ब्रह्मा कुमारी सेवाकेन्द्रों की निदेशिका राजयोगिनी चक्रधारी ने कहा कि अस्पतालों, वकीलों, जजों, थानों की संख्या बढ़ती जा रही है जिससे यह पता चलता है कि हम कितने अस्वस्थ हैं और कितनों झगड़ों में फंसते जा रहे हैं जिसका कारण है मन का अस्वस्थ होना। हम बाहरी स्वच्छता का तो ध्यान दे रहे हैं किन्तु उससे ज्यादा जरूरी है आन्तरिक स्वच्छता जिसे राजयोग की शिक्षा से प्राप्त कर जीवन को स्वस्थ, समृद्ध, सुसंस्कारित एवं सुखी बना सकते है।

ब्रह्मा कुमारी के ओमशान्ति रीट्रिट सेन्टर की निदेशिका ब्र0कु0शुक्ला ने बताया कि संस्था द्वारा 1937 से ही भारत के नव निर्माण की कलम लगाने का कार्य प्रारम्भ किया जा चुका है जो लाखों लोगों में आध्यात्मिक शिक्षा द्वारा जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है।

दोपहर के सत्र में ‘चहुंमुखी स्वास्थ्य एवं पर्यावरण जागृति’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी पर सुप्रसिद्ध प्रेरणादायी वक्ता ब्र0कु0शिवानी एवं दिल्ली फॉमासुटीकल साईसिंस एण्ड रिसर्च यूनिवर्सिटी के उप कुलपति प्रो0 रमेश के.गोयल ने अपने विचार व्यक्त किये।

सम्मेलन के सायंकालीन पत्र में ‘समाजिक परिवर्तन के लिए नया ज्ञान’ विषय पर जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय के सईद अखतररेवेनशा विश्वविद्यालय के पूर्व उपकुलपति बैशनव चरण त्रिपाठी, डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 प्रफुल्ल कुमार मिश्रा, पंताजली विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रो0 महावीर, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा काउंसिल के अध्यक्ष डॉ0 ंअनिल डी.सहस्रबुद्धे आदि शिक्षाविद्ों ने अपने विचार रखे।