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बड़ी धूमधाम से मनाया गया दिव्य अलौकिक समर्पण समारोह

१३ मार्च २०१९, गुरूग्राम: ब्रह्माकुमारीज़ के भोड़ाकलां स्थित ओम् शान्ति रिट्रीट सेन्टर में दिव्य अलौकिक समर्पण समारोह बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया। दो दिवसीय समर्पण समारोह कार्यक्रम में १० ब्रह्माकुमारी बहनों ने अपने सम्पूर्ण जीवन को ईश्वरीय सेवाओं में समर्पित करने का दृढ़ संकल्प किया। इस अवसर पर विशेष रूप से संस्था की अतिरिक्त प्रशासिका दादी रतनमोहिनी भी उपस्थित रही।

दादी जी ने अपनी शुभ प्रेरणाएं व्यक्त करते हुए कहा कि अपने जीवन को परमात्मा की सेवा में समर्पित करना बहुत बड़ी महानता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय जहाँ एक ओर मानव भौतिक आकर्षणों में फँसता ही जा रहा है, वहीं दूसरी ओर आध्यात्मिकता के श्रेष्ठ मार्ग पर चलना अर्थात सौभाग्यशाली बनना। उन्होंने कहा कि वो मात-पिता बहुत भाग्यशाली हैं जिन्होंने ऐसे बच्चों को जन्म दिया। दादी जी ने सभी को दृढ़ संकल्प कराया कि सदा इस मार्ग पर अचल-अडोल रहेंगे। सदैव ईश्वरीय मर्यादाओं का पालन करेंगे और दूसरों को भी अपने जीवन से प्रेरणा देंगे।

कार्यक्रम में संगीत संध्या का भी आयोजन हुआ। गायक ब्रजेश मिश्रा ने ईश्वरीय प्रेम के सुन्दर गीतों द्वारा सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही नृत्य एवं नाटक के द्वारा भी सबका मनोरंजन हुआ।

कार्यक्रम में ओआरसी की निदेशिका बी.के. आशा, संस्था के अतिरिक्त सचिव बी.के.बृजमोहन, बी.के. वेदान्ती, बी.के. चक्रधारी, बी.के. गीता, बी.के. शुक्ला सहित अनेक वरिष्ठ एवं अनुभवी वक्ताओं ने अपनी शुभ कामनाएं व्यक्त की। कार्यक्रम में देश-विदेश से संस्था के अनेक वरिष्ठ भाई-बहनों ने भी शिरकत की। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी बहनों के माता-पिता एवं सम्बन्धियों सहित काफी संख्या लोग उपस्थित थे।

कैप्शन: १. भोड़ाकलां स्थित ओम् शान्ति रिट्रीट सेन्टर में आयोजित दिव्य अलौकिक समर्पण समारोह में दादी रतनमोहिनी जी सभा को संबोधित करते हुए।

२. भोड़ाकला स्थित ओम् शान्ति रिट्रीट सेन्टर में आयोजित दिव्य अलौकिक समर्पण समारोह में बह्माकुमारी बहनें।

३. भोड़ाकलां स्थित ओम् शान्ति रिट्रीट सेन्टर में आयोजित दिव्य समर्पण समारोह में समर्पित होने वाली बहनें दादी जी के साथ

४. भोड़ाकलां स्थित ओम् शान्ति रिट्रीट सेन्टर में आयोजित दिव्य समर्पण समारोह में संगीत संध्या में प्रस्तुति देते हुए ब्रजेश मिश्रा

५. भोड़ाकलां स्थित ओम् शान्ति रिट्रीट सेन्टर में आयोजित दिव्य समर्पण समारोह में नृत्य करते हुए

६. भोड़ाकलां स्थित ओम् शान्ति रिट्रीट सेन्टर में आयोजित दिव्य समर्पण समारोह में उपस्थित जन समूह

७. भोड़ाकलां स्थित ओम् शान्ति रिट्रीट सेन्टर में आयोजित दिव्य समर्पण समारोह में मंचासीन दादी रतनमोहिनी जी, समर्पित होने वाली बहनें व संस्था के वरिष्ठ भाई-बहनें

८. भोड़ाकलां स्थित ओम् शान्ति रिट्रीट सेन्टर में आयोजित दिव्य समर्पण समारोह में प्रतिज्ञा करते हुए ब्रह्माकुमारी बहनें

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अन्तर्राष्ट्रीय महासम्मेलन सम्पन्न हुआ

“विश्व की अनेक समस्याओं का समाधान आध्यात्मिकता है”- प्रणव मुखर्जी

“मानवता से प्रेम ही राजनीति का आधार बने”- अर्जेंटीना उपराष्ट्रपति

नई दिल्ली 10 मार्च : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विधालय द्वारा ‘नाजुक समय के लिए आध्यात्मिक समाधान’ विषय पर स्थानीय इंदिरा गाँधी स्टेडियम में आज आयोजित एक दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय महासम्मेलन सम्पन्न हुआ जिसमें 122 देशों के गणमान्य प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

सम्मेलन के समापन सत्र को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुए भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी ने कहा कि आज मानव समाज काम, क्रोध, लोभ और हिंसा रूपी भयावय समस्याओं से जूझ रहे हैं। चारों ओर लोग निराशा, भय, अशान्ति, असन्तुष्टता व अवसाद से घिरे हुए हैं। इसका मूल कारण मानव के समाजिक, नैतिक व आध्यात्मिक मूल्यों में गिरावट ही है।

उन्होंने कहा कि ऐसे नाजुक समय में आध्यात्मिकता ही एकमात्र सहारा है जो मनुष्य की चेतना को संकीर्ण स्वार्थ, लोभ-लालच व धर्मान्धता से ऊपर समग्र मानवता के साथ जोड़े, वासुधैव कुटुम्बकम और विश्व एक परिवार की भावना के साथ जोड़कर विश्व बन्धुत्व की परिवेश निर्माण करें। भारत का यह प्राचीन आध्यात्मिक ज्ञान व परम्परा विश्व को नई दिशा और दशा प्रदान करेगा। एक समृद्ध राष्ट्र और सुखमय विश्व के नवनिर्माण के लिए नई पीढ़ी को इस आध्यात्मिकता से प्रेरित करने की जरूरत है।

उन्होंने आगे कहा कि आध्यात्मिकता कोई धार्मिक कर्मकाण्ड नहीं लेकिन मानवीय मूल्यों और संवेदनाओं को व्यवहारिक जीवन में उतारने की शिक्षा है जो लोगों को आदर्श नागरिक, बच्चों को अच्छे विधार्थी, व्यवसायियों को ईमानदार तथा विभिन्न जाति, धर्म, भाषा, प्रान्त और देशों में शान्ति व सदभावना का वातावरण बनाती है।

प्रातकालीन सत्र को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुए अर्जेटीना की उपराष्ट्रपति श्रीमति गेब्रियाला मिशेटी ने कहा कि राजनीति का मतलब मानवता से प्रेम और उनकी परिवार के सदस्यों की तरह सेवा करना है। अगर मैं राजनीति को मानव सेवा से नहीं जोड़ती तो राजनीति मात्र शक्तियों का दुरूपयोग बनकर रह जायेगी।

उन्होंने आगे कहा कि मेरा भगवान के साथ सम्बन्ध जुड़ने से ही राजनीति को दिशा मिली है और यह एक मानवता की सेवा बन गयी है। अपने प्रेम को मानवता के उत्थान के लिये लगाना ही विश्व को हमारी देन है।

ब्रह्माकुमारी संस्था के अतिरिक्त महासचिव ब्र0कु0 बृजमोहन ने इस सम्मेलन का उद्देश्य सभी को विश्व परिवर्तन के लिए जागृत करने और जिस प्रकार रात के बाद दिन होता है उसी प्रकार वर्तमान कठिन परिस्थितियों के बाद शान्ति के सवेरा लाना बताया।

प्रेरणादायी वक्ता एवं हाल ही में नारी शक्ति राष्ट्रपति अवार्ड प्राप्त ब्र0कु0 शिवानी ने कहा कि विश्व में सभी देश अलग हैं, सांस्कृति अलग हैं, संस्कार अलग है परन्तु भगवान के साथ सम्बन्ध कॉमन है और ईश्वर के साथ यही आध्यात्मिक सम्बन्ध विश्व में परिवर्तन लायेगी।
उन्होंने बताया कि विज्ञान और अनुभव कहता है कि हम जिसे याद करते है उसके मन के भाव हमारे में आ जाते है। इसलिए हम भगवान को याद करेगें तो उसकी वायब्रेशन, शक्ति, गुण व दिव्यता हमारे में जा जायेगी और जब प्रत्येक में यह दिव्यता आयेगी तो समूचा विश्व दिव्य बन जायेगा।

यूरापीय देशों में ब्रह्माकुमारी सेवाकेन्द्रों की निदेशिका राजयोगिनी ब्र0कु0 जयन्ती ने कहा कि यदि हम समय को एक सीधी रेखा के रूप में देखते है तो हमारा भविष्य, नैतिकता, चरित्र कहां तक गिरता जायेगा कह नहीं सकते। वहीं यदि हम समय को एक चक्र के रूप में देखते है तो हमें आशा नजर आती है वर्तमान असत्य, भ्रष्टाचारी दुनिया से सत्य, श्रेष्ठाचारी दुनिया में परिवर्तन होने की। जिसके लिए हमें प्रयास और भगवान का साथ जरूरी है।
इसके अलावा प्रमुख रूप में यू0के0 के वरिष्ठ पत्रकार नेविल हॉडकिन्सन, ऑस्ट्रलिया के लीडरशिप प्रोजेक्ट के प्रेरता विक्टर परटन, सैशेल्स से वैलेन्टिना सैट, ब्राजील से प्रबन्धक विशेषज्ञ केन ऑडोनल एवं आस्ट्रेलिया में ब्रह्माकुमारी सेवाकेन्द्र संचालक चार्ली हॉग आदि ने विषय पर अपने वक्तव्य रखे तथा हॉगकॉग से हैरी वॉग ने मैजिक शॉ द्वारा दशर्का को आश्चर्यचकित किया तथा चीन की सुश्री वॉग स्कू िंयंग चाईनिज डान्स व अफ्रिका डेजर्ट रोज ग्रुप ने लाईव कन्सर्ट प्रस्तुत किया। साथ ही भारत व विदेश के विभिन्न धर्मों के गुरूओं ने इस अवसर पर अपनी शुभकामनायें दी।

International Conference on Spiritual Response to Critical Times Concludes

Former President of India, Pranab Mukherjee calls for Strengthening spiritual base of society

New Delhi, March 10: Former President of India, Pranab Mukherjee said the answer to all the problems in the present critical times lies in following spiritual wisdom and values. “Now is the time when we must start to pay attention to the moral, ethical and spiritual dimension of our life, and strengthen this foundation of an advanced and healthy society.”

Mr. Mukherjee was speaking at ‘Spiritual Response to Critical Times’, a one-day international conference organised by the Brahma Kumaris at Indira Gandhi Stadium here today. The event was a confluence of dignitaries, guests, professionals, spiritualists and religious leaders from 122 countries, and emphasised on the oneness of humanity.

Mr. Mukherjee also said that spirituality was one of India’s many gifts to the world, and was much needed to check stress and anxiety prevelant across all walks of life.

Earlier in the day, special guest for the programme Vice-President of Argentina H.E. Mrs. Gabriela Michetti said that politics was about loving humanity and serving as a family member. “If we don’t relate politics to service, politics would exist only for the sake of power… My relationship with God gives sense to my political worķ and tranforms it into service… Our best contribution to the world is to share our love with humanity, and to be sincere to what we believe in.”

BK Brijmohan, Additional Secretary-General of the Brahma Kumaris, said the intention of the programme was to give a wake up call to people, and to share with them the hope that it was time for change to come about. “As night is followed by day, it is time for our present circumstances to give way to peace.”

Explaining the process of Rajyoga meditation, motivational speaker Sister BK Shivani, who had a day before been accorded with the Nari Shakti Award by the President, said: “When we connect our mind through remembrance to anyone, their state of being begins to influence our energy field. So when we connect to the Divine, His qualities of peace, love, happiness start flowing into us, and our life starts to transform… We then change from expecting from others to becoming givers of goodness.”

BK Jayanti, Director of the Brahma Kumaris centres in Europe, said: “If we see time on a linear scale, we wonder what the future holds for us. On the other hand, when we see things in a cyclical way, we can have hope for the future…. We will then know that we are moving from a world of falsity and darkness to a world of truth.”

She said the chaos inside people’s inner world and the vice of greed was the root cause of the environment al and climatic crises, and so a transformation could come about when we enhance our relationship with the self within.

The programme, which was attended by a huge audience of several thousands, was interspersed with many fun activities and cultural performances by musicians, dancers and singers from across the globe. The audience was also led into live meditation experiences.

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शिवरात्रि महोत्सव देखने उमड़ी हजारों लोगों की भीड़, स्वर्ग की सीन पर हर कोई हुआ मोहित रात्रि 11 बजे तक लोगों का लगा रहा तांता, बड़ी संख्या में लोगों ने व्यसन छोडऩे का लिया संकल्प आबू रोड, 5 मार्च, निसं। ब्रह्माकुमारीज संस्था के शांतिवन में शिवरात्रि महोत्सव मेले में हजारों लोागें का हुजुम उमड़ पड़ा। रात्रि 11 बजे तक लोगों की भारी भीड़ उमड़ती रही। जिले में पहली बार एक ही जगह हेल्थ, वेल्थ और हैप्पीनेस कार्निवाल तथा शिवरात्रि महोत्सव में अमरनाथ बाबा की गुफा में लोगों ने दर्शन कर मन्नते मांगी। इस अवसर पर माधव यूनिवर्सिटी के कुलपति ने कहा कि शिवरात्रि का पर्व बुराईयों को मिटाने का पर्व है। इसलिए परमात्मा का यह पर्व रात्रि के रूप में मनाते हैं। ब्रह्माकुमारीज संस्था के अतिरिक्त महासचिव बीके बृजमोहन ने कहा कि भले ही लोग आज परमात्मा शिव के सामने जाकर पूजा अर्चना करते हैं। लेकिन सही अर्थों में पूजा करने का विधि विधान नहीं जानते हंै। क्योंकि जब हम परमात्मा को दिल से याद करते है तब हमे परमात्मा से शक्ति मिलती है। आबू रोड की पार्षद तथा नगरपालिका की नेता प्रतिपक्ष नरर्गिस कायमखानी ने कहा कि मातृ शक्ति को इस संस्था ने दुनिया भर में स्थापित किया है। नारी किस तरह से एक समाज और परिवार का प्रतिनिधित्व करती है। इस संस्थान ने सिद्ध कर दिया है। इस अवसर पर बिजली विभाग के एक्सईन रंजीत मारू ने सभी को शुभकामनाएं देेते हुए कहा कि आज खुशी का दिन है कि हम परमात्मा के घर में इस विशाल मेले में आये हैं। इससे सशक्तिकरण में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में कार्यक्रम कोआर्डिनेटर बीके भरत ने कहा कि यह मेला कई मायनों में आबू रोड तथा आसपास के लोगों के लिए जीवन में सकारात्कता के लिए अच्छा साबित होगा। इस अवसर पर पार्षद कांतिलाल, कांग्रेस सोशल मीडिया के संभाग प्रवक्ता आदिल अहमद ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस कार्यक्रम में रेंजर गजेन्द्र सिंह, बीके सुधीर, सहायक अभियन्ता, छगन लाल मीना, बीके सुधीर, बीके भानू, बीके अमरदीप, बीके कृष्णा, बीके चन्दा, अनूप सिंह, बीके कोमल समेत कई लोग उपस्थित थे। रंग विरंगी में नहाया स्वर्ग: शिवरात्रि महोत्सव में लगा स्वर्ग का नजारा रंग विरंगी रोशनी में नहा उठा। देवी देवताओं का रास, वहॉं की अर्थव्यस्था, कपड़े, रहन सहन और शिक्षा का चित्रण लोगों को मोह लिया। हजारों की संख्या में लोग अपने अपने आने का इंतजार करते रहे। हर कोई सेल्फी लेने के आतुर दिखा।

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स्वामी विवेकानन्द के सपनों को पूरा करने का संकल्प लें युवा – दादी
राष्ट्रीय युवा दिवस पर कार्यक्रम में कई स्कूलों के जुटे कर्णधार

आबू रोड, 12जनवरी, निसं। स्वामी विवेकानन्द जयंति पर ब्रह्माकुमारीज संस्था के शांतिवन में युवाओं के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दूसरों का सम्मान करने और नये भारत निर्माण स्वामी विवेकानन्द के सपनों को पूरा करने के लिए युवाओं को प्रेरित किया गया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज संस्था के युवा प्रभाग की अध्यक्षा राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने अपने मूल्य और ज्ञान से पूरे विश्व में भारत का नाम अमर कर दिया। उनका सपना था कि भारत देश स्वर्ग बन सकता है। बशर्ते युवा अपने जीवन में मूल्यों एवं पवित्रता जैसी शक्ति धारण करें।
उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि आज सबकी निगाहें युवाओं पर ही टिकी है। इसलिए युवाओं को नये भारत निर्माण का संकल्प लेकर स्वामी विवेकानन्द के सपनों को पूरा करने का प्रयास करना चाहिए। युवा चाहे तो सब कुछ हो सकता है। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज संस्था के महासचिव राजयोगी बीके निर्वेर ने कहा कि विवेक युक्त आनन्द में रहने वाले स्वामी विवेकानन्द ने एक अदभुत व्यक्तित्व के धनी थे। पवित्रता की शक्ति से पूरे विश्व को आचम्भित कर दिया था। इसलिए हमें भी उनसें सीखकर अपने जीवन को धन्य बनाना चाहिए।
इस अवसर पर आबू रोड पालिका अध्यक्ष सुरेश सिंदल, सोशल एक्टिविटी ग्रुप के अध्यक्ष बीके भरत, युवा प्रभाग की वरिष्ठ सदस्या बीके गीता ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए युवाओं को श्रेष्ठ कर्म के लिए प्रेरित किया।
बनायी बड़ी रंगोली: इस अवसर पर युवाओं को प्रेरित करने के लिए बड़ी रंग विरंगी रंगोली बनायी गयी। प्रेरणादायी रंगोली देखने के लिए बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में बीके भानू, बीके मोहन, बीके विरेन्द्र, बीके जीतू, बीके हरीश, बीके चन्दा, बीके कृष्णा समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
इन स्कूलों व कालेजों के छात्र थे उपस्थित: यूएसबी ग्रुप आफ कालेज, ग्लोबल नर्सिंग कालेज, सीआईटी कालेज, दानवाव उच्च माध्यमिक विद्यालय, आदिवासी जनजातीय विद्यालय, नेहरू युवा केन्द्र आमथला, दानवाव स्कूल के ईश्वर सिंह समेत कई लोग उपस्थित थे। youth news (3)

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Abu Road (Raj): The Global Summit-Cum-Expo on “Science, Spirituality and Environment” was inaugurated at Brahma Kumaris Headquarters, Abu Road (near Mt Abu), Rajasthan, by Honorable Chief Justice of India, Justice Dipak Mishra; Honorable Home Minister of India, Mr. Rajnath Singh; Joint Chief of Brahma Kumaris, Rajyogini Dadi Ratan Mohini; with the august presence of eminent personalities and more than 10,000 delegates from 140 countries.

A Message was sent by Honorable President of India, Mr. Ramnath Kovind, and the Honorable Prime Minister of India, Mr. Narendra Modi, for the success of the summit.

Mr Rajnath Singh, Hon. Home Minister of India, talked about mind, spirituality, science and Indian Culture in his 15-minute address. He said that Circumference of mind is directly proportional to the magnitude of happiness, the magnitude of bliss. In order to carry out a big task, one needs to have a big heart. A man with a small heart cannot do a big task. The bigger the heart, the more joy shall be in your life. A person does not become spiritual by merely praying in the church. As a person goes on doing big things, he continues to achieve the spiritual heights in his life. Along with offering prayers in temples or mosques, one needs to grow his heart. The bigger the heart, the more one would be spiritual. The Brahma Kumaris teach how to have a bigger heart. How big a heart would the Chief Administrator Dadi Janki and Dadi Ratan Mohini be having that they are taking care of such a big family. They have expanded the organization to 146 countries with the support of so many sisters. What a government is unable to do, the Brahma Kumaris are doing.

The Home Minister said that the United Nations has expressed concern over even small things. The organization is working on Cleanliness, Organic Farming, Solar Energy, Woman Empowerment. The organization is not only concerned about humans but also about humanity and living beings. On the 80th Annual celebration, the organization planted 80 lakh trees, sending a message of saving the environment.

The Home Minister Rajnath Singh said that the sages of our country discovered the zero and spirituality. Science, Spirituality and religion are contrary to each other; this is a belief of the western world. Bharat believes science and spirituality to be complements of each other and that they are one. Charak, Arohak, Sushupt, Aryabhatt were great sages as well as great scientists.

Justice Dipak Mishra, Hon. Chief Justice of India, said, “I feel the sense of peace here. We want universal peace and each of you are a great ambassador of peace. Science tells you about what is happening in the universe. Physical morality matters the most, if we intend to have a clean, clear, unpolluted universe. If everyone in the world believes and practices physical morality, there will be prevalence of environmental morality. 80 lakh plants were planted by the organization; if you are planting a seed of morality, that is spiritual morality. Once peace is with yourself, there will be peace in the world. We want peace in the world, a good environment in the world and a scientific research-oriented spirituality which is going to advance the world on the path of peace. The effort of the Brahma Kumars is to make the world a place of belonging. All of us belong to this world, universe, so we need to be partners of construction, rather than destruction. You are Constructive in creating a peaceful world.”

“Desire gets into necessity, necessity gets into need. Need gets a Ph.D. when it is said ‘I want it.’ The moment I say I want it, peace of mind is gone and the sense of spirituality is lost. Science is absolutely relevant to conscious of mind, soul and heart. When Science and spirituality travel together with a philosophical approach, man can create wonders by transforming himself from ordinary man, by finding his true self with God. Science can grow with the aid of spirituality. God or Almighty loves all of us, looks after us. God never scares anyyone. When you surrender Ego, you can connect to God. Purity of this organisation is helping everyone move forward in spirituality,” he added.

Marla Maples, Television Personality and Actress, USA, said that America is facing many challenges these days, but the wonderful people and friends around us fill our lives with joy. That has happened because she has included Kundalini Yog, meditation of the Brahma Kumaris, and a vegetarian diet in her routine. While addressing the Global Summit, Marla said that all of us can progress, move ahead, stay together, many thanks to God for this. Marla said that she has tasted many types of food, but vegetarian food is the best among all. A non-vegetarian diet harms the environment too.

Padamshri Kartikeya Sarabhai, Founder and Director of Center for Environment Education, said that we need to follow our old traditions and go with the new technologies simultaneously in order to save the environment. A man feels that nature is at his disposal. This thought pattern is not right. Mahatma Gandhi said that we need to use nature as a trustee. Remembering the Founder of the Brahma Kumaris, Brahma Baba, he said that many decades ago, Brahma Baba saw the devastation caused by atomic bombs, nature and human conflicts by his divine vision; we are witnessing them practically now. In order to save the environment, we will have to take only that much from nature as is required.

Rajyogini Dadi Ratan Mohini, Joint Chief Administrator of the Brahma Kumaris, Mt Abu said that “all of us are children of God and hence brothers. Hence, we must co-operate with each other and make each other happy. We must never hold revenge, envy or jealousy for others. There was a golden age in Bharat where there was joy, peace and bliss everywhere. There was no trace of unrighteousness. We can again create a Golden world by making our actions divine.”

Executive Secretary of the Brahma Kumaris and Program Co-ordinator BK Mrutyunjaya said the organization is running a Cleanliness Drive all over the country between September 15 and October 2.

Mr. Thawar Chand Gehlot, Hon. Minister of Social Justice and Empowerment, Govt. of Indiasaid that the organization is making efforts towards materializing the visualization of Global peace, Vasudhev Kutumbakam, Live and Let live and motivating the masses to follow the righteous path. The reason behind an increase in anxiety and problems in the present world is due to our distancing from spirituality. Without adopting spirituality, the vision of Global peace, ‘Sarve Santu Niramaya,’ cannot be realized.

Dr. Sindhutai Sapkal, the Mother of Orphans, Pune who is looking after 1,050 children in Bangalore, said that we need to always learn to move ahead in life, not to stop. We need to listen to our heart, a shroud does not have pockets, no one ever recommends death. One needs to learn to renounce.

Sister BK Munni, the General Manager of the Brahma Kumaris, said, “I have learned from life to respect all, old or young. Take oneself to be an instrument. We need to have an attitude of benefit for all.”

Brother BK Brij Mohan, Additional Secretary General of the Brahma Kumaris, Delhi said that Raja Yoga meditation teaches us life skills. Thousands of brothers and sisters have experienced this.

Candle Lighting (Deep Prajavalan), Cake Cutting, Flag Hoisting, Release of Souvenir of Journey of Brahma Kumaris, Distribution of Prizes to the Top Artists of the National Painting Contest-cum-Workshop, Inauguration of a Beautiful exhibition on “Science, Spirituality and Environment,” and the presence of Justice Dipak Mishra, Chief Justice of India, were other highlights of the summit. Along with paintings made by more than 500 renowned artists from all over India, the history of the Brahma Kumaris and the services extended to society over the last 82 years have been very beautifully displayed in the exhibition on Science and Spirituality. Renowned actress Gracy Singh staged a marvelous dance with her team, and Diamond Hall echoed with the applause.

The stage was well co-ordinated by BK Asha, Director of ORC, Gurugram. Mr Otaram Dewasi, Minister- Gopalan Department, Government of Rajasthan; Mr Jagasi Ram Koli, MLA; Mrs. Payal Parasrampuria, District President, Sirohi; Ms. Anupama Jorwal, Collector, and other eminent personalities were present on this occasion.

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Brahma Kumaris

A World Record Certificate, that is, a Wonder Book of Record Certificate, for a Unique Solar Power Plant with storage in house development was presented to the Brahma Kumaris at their Head Quarters in Diamond Hall, Shantivan.  The “Wonder Book of Records has started in the year 2010 and were presented to many huge personalities,” stated Gurram Swarna Sree, representative of the Wonder Book of Records. “This is the first big solar system in the world which is being used by the Government and for service. The Brahma Kumaris name is now entered for the Mount Abu International Solar System Wonder Book of Record,” she added.

The biggest Solar Thermal Power Plant certificate was presented to BK Yogini, BK Sharada, BK Bharat and BK Mruthyunjaya. BK Yogini was also honored with a medal by the Wonder Book of Records representatives.