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National Bhagwat Geeta Convention in Delhi ORC

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भगवत गीता पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारम्भ हुआ
’’योग ध्यान ही गीता का सार मर्म़ है’’- डॉ0नागेन्द्र

गुरूग्राम 8 जुलाईः प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय पटौदी रोड पर स्थित ओमशान्ति रीट्रिट सेन्टर में दो दिवसीय राष्ट्रीय भगवत गीता सम्मेलन का आज शुभारम्भ करते हुए योग गुरू डॉ0 नागेन्द्र ने कहा कि योग और ध्यान ही भगवत गीता के सार मर्म है।

उन्होंने कहा कि भगवत गीता एक योग शास्त्र है न की हिंसक युद्ध की शास्त्र। वास्तव में गीता में वर्णित युद्ध मनुष्य के अन्दर के विकारों और अवगुणों के विरूद्ध आन्तरिक लड़ाई है जो दैवी गुणों की आसुरी अवगुणों पर विजय का सूचक है।

उन्होंने आगे कहा कि इस योग शिक्षा को स्कूल स्तर से विश्वविद्यालय स्तर तक लागू करने का प्रयास भारत सरकार कर रही है और इसी से ही एक सकारात्मक और स्वस्थ परिवर्तन बच्चों, व्यक्तियों एवं समाज में आ सकता है।

इस सम्मेलन के मुख्य संयोजक राजयोगी बी0के0ब्रजमोहन ने सम्मेलन के मुख्य उद्देश्य के बारे में अवगत कराया तथा ब्रह्माकुमारी संस्था, माउण्ट आबू से पधारे गीता स्कॉलर राजयोगिनी ऊषा तथा जबलपुर से पधारे भगवत गीता व्याख्याकार डॉ0 पुष्पा पाण्डेय ने भगवत गीता और अंिहंसा परमोधर्म पर भारत के विभिन्न प्रान्तों से आये हुए गीता विशेषज्ञ एवं उपकुलपति आदियों के साथ सवाल-जवाब किया।