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National Seminar of SPARC Wing in Jalgaon

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आध्यात्मिकता और विज्ञान के सहयोग से विश्व में शांती
​​ब्रह्माकुमारीज् स्पार्क विंग द्वारा राष्ट्रीय संगोष्टी संपन्न

जलगांव – आध्यात्मिकता के बिना सहारे विज्ञान अधुरा है, आध्यात्मिकता और विज्ञान के सहयोग से विश्व में सुख, शांती, सद्भावना तथा एकता स्थापित की जा सकती है. ज्ञान तथा विज्ञान की गुह्य परिभाषा – संकल्पनाओं को आम आदमी तक सरल शब्दों में पहूंचाना यह आध्यात्मवेत्ता तथा वैज्ञानिकों का कर्तव्य है और इससे ही आध्यात्मिकता और विज्ञान के समन्वय सें मूल्यनिष्ठ समाजनिर्मिती होगी, एैसी उम्मीद जताई, ब्रह्माकुमारीज् स्पार्क प्रभागद्वारा वैज्ञानिकों में आध्यात्मिकता विषय पर एकदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्टी में सहभागी वैज्ञानिक, तथा आध्यात्मवेत्ताओंने.

स्प्रिच्युअल ऍप्लिकेशन्स रिसर्च सेंटर के ब्रह्माकुमारीज् जलगांव चॉप्टर की ओर से प्राकृतिक सौदर्य तथा आध्यात्मिक वातावरण से भरपूर अनुभूती इंटरनॅशनल स्कूल, जलगांव में वैज्ञानिकों में आध्यात्मिकता विषयपर राष्ट्रीय संगोष्टी का आयोजन किया गया. जिस में देशभर से वैज्ञानिक तथा आध्यात्मवेत्ताओंने सहभाग दर्ज किया. सम्मेलन के प्रारंभ में ब्र.कु. विद्याबहनने ब्रह्माकुमारीज् का परिचय दिया. अपने प्रास्ताविक संबोधन में गुजरात से पधारे ब्र.कु. विनय पण्डयाने स्पार्क प्रभाग की जानकारी दी. ब्र.कु. वासंती तथा ब्र.कु. निलीमा बहनने क्रियेटीव्ह मेडिटेशन सत्र में उपस्थितों को राजयोग का अभ्यास करवाया.

ब्र.कु. मिनाक्षीदीदी उपक्षेत्रीय निर्देशिका, जलगांव उपक्षेत्र ने आपने आशीर्वचन में कहा की, सायन्स और सायलेन्स दोनों का महत्व अपने आप में बडा है , दोनों के सुंदर समन्वय से विश्वशांती निश्चित है. संमेलन का उद्देश स्पार्क प्रभाग के मुख्यालय समन्वयक, बी.के. श्रीकांत भाईने दिया. विशेष माऊंट आबू से पधारे ब्र.कु. सुरजभाईने अपने ओजस्वी संबोधन में , मानवीय जीवन और आध्यात्मिकता विषयपर प्रकाश दिया. संगोष्टी के लिए मुख्य संबोधन स्पार्क प्रभाग की राष्ट्रीय संयोजिका ब्र.कु. आंबिका बहन, बंगलौरने दिया. उन्होंने अपने प्रेरणादाई उद्बोधान में कहा की, हमेशा का मॅकनेकली जीवन न जिये, जीवन जीने का सच्चा आनंद लिजिए. अध्यात्म, कला, साहित्य, विज्ञान आदि के अनुभव से इस आनंद को प्राप्त किया जा सकता है.

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