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Mt Abu – Inauguration of Sports Wing Conference at Gyan Sarovar Academy

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राजयोग प्रशिक्षण से बढ़ता है मनोबल
ब्रह्माकुमारी संगठन मे खेल प्रभाग सम्मेलन आरंभ

माउंट आबू, २९ अप्रेल। हरियाणा सरकार के मोतीलाल नेहरू स्पोर्टस स्कूल सोनीपत निदेशक कर्नल राज विश्नोई ने कहा कि निरंतर मेहनत, प्रेशिक्षक व व्यवस्था में आस्था से ही खिलाड़ी सफलता को प्राप्त कर सकते हैं। जो खिलाड़ी अपने नैतिक मूल्यों के प्रति सजग है वह निरंतर श्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकता है। ब्रह्माकुमारी संगठन की ओर से दिये जाने वाले राजयोग प्रशिक्षण से खिलाडिय़ों में मानसिक एकाग्रता व मूल्यों को धारण करने की शक्ति मिलती है। वे प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वारीय विश्वविद्याल के खेल सेवा प्रभाग द्वारा ज्ञान सरोवर अकादमी परिसर में खेलों में उत्तम प्रदर्शन के लिए राजयोग का चमत्कार विषय पर आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन के उदघाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संगठन द्वारा राजयोग प्रशिक्षण प्राप्त करने से मनोबल क्षमता विकसित होने पर खिलाड़ी अपना लोहा मनवाकर देश के अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदकों में वृद्धि कर सकते हैं। बेहतर प्रशिक्षण व पर्याप्त व्यवस्थाओं के उपलब्ध होने के बाद भी नैतिक मूल्यों के अभाव में सकारात्मक परिणाम नहीं मिलता है।

हैदराबाद से आए अंतर्राष्ट्रीय निशांत क्रिकेट खिलाड़ी महेंद्र वैष्णव ने कहा कि तीन वर्ष की आयु में दृष्टि खोना मेरे लिए वरदान बना और आज मैं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इस खेल का हिस्सा बन गया। मैं खुद को भाग्यशाली मानता हंू कि आंखों ने देना भी मेरे लिए उपलब्धि का सबब बना। स्कूल के समय से ही ब्रह्माकुमारी बहनों ने मुझे आध्यात्मिक ज्ञान सुनाकर मेरे आत्मविश्वास को पंख लगा दिये। जिससे मेरे जीवन की हर परिस्थिति में हमेशा से ही सकारात्मक दृष्टिकोण बना रहता है। जीवन में संतुष्टता का भाव बढऩे धैर्यता का पाठ पढऩा आसान हो जाता है। २०१८ के दिव्यांगों के लिए हुए विश्वकप में क्रिकेट में हम विजेता बने। स्वयं की क्षमता पर विश्वास रखने से ही भगवान की मदद का अहसास होता है।

भारतीय विश्वविद्यालय संघ दिल्ली के पूर्व सहसचिव डॉ. गुरदीप सिंह ने कहा कि साइंस के साथ आध्यात्मिकता का समावेश अदभुत नतीजे ला सकता है। खिलाडिय़ों के शारीरिक व तकनीकी रूप से प्रशिक्षण पर ध्यान देने के साथ मानसिक प्रशिक्षण की अत्यंत आवश्यकता है। खेलों के निर्णायक दौर पर आत्मिक शक्ति को स्थिर बनाए रखने से ही तनाव से मुक्त रहा जा सकता है। एकाग्रता व सही समय पर सही निर्णय लेने के लिए राजयोग प्रशिक्षण के सार्थक परिणाम प्राप्त हुए हैं। मन की स्थिरता राजयोग से बढ़ती है।

ब्रह्माकुमारी संगठन के खेल प्रभाग अध्यक्ष बीके बसवराज राजऋषि ने कहा कि परमात्मा स्वयं धरा पर आकर आध्यात्मिक शिक्षा द्वारा मानव में सदगुणों का विकास कर रहा है। स्वर्णिम युग आने का यह अवसर है। खिलाड़ी जीवन में स्वर्णपदक के साथ गॉडली मेडल की पाने का पुरुषार्थ करें।

संगठन के खेल प्रभाक की राष्ट्रीय संयोजिका बीके शशि बहन ने कहा कि खिलाड़ी को किसी भी पररिस्थिति में उमंग-उत्साह कायम रखना चाहिए। मानसिक दृढ़ता से संपन्न खिलाड़ी ही सफलता के नए सोपान तक पहुंच सकता है।