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अन्तरमन साफ है तो अवश्य पूरे होंगे संकल्प – दादी जानकी

आबू रोड, निसं। शांतिवन के डायमण्ड हॉल में हजारों की संख्या में देश-विदेश से आए व्यक्तियों द्वारा जन्मशताब्दी पर दी गई शुभकामनाओं को स्वीकार करते हुए ब्रह्माकुमारीज की मुख्य प्रशासिका दादी जानकी ने कहा कि यदि अंतरमन साफ है जो भी शुभ संकल्प करोगे वह अवश्य पूरे होंगे। उन्होंने कहा कि जीवन में कभी सत्य का परित्याग न करो, सच के मार्ग पर चलते हुए घबराओ मत और सत्य की रक्षा करने से कभी चूकना नहीं। ब्रह्मा बाबा शिक्षक भी है और परिक्षक भी उसकी रचना अति सुंदर है। बाबा के दिखाए मार्ग पर चलते हुए हमें सर्वत्र शांति, प्रेम और आनंद का संदेश प्रसारित करना है।
इससे पूर्व मनमोह लेने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, सैनिक बैण्ड की धुनों के साथ ब्रह्माकुमारी संस्था की मुख्य प्रशासिका दादी जानकी की जन्मशताब्दी महोत्सव की विधिवत शुरूआत हुई। डायमण्ड हॉल के बाहर भी बैंड वादक अतिथियों का सुरूचि पूर्ण ढंग से स्वागत कर रहे थे।
रूस के डिवाइन लाइट ग्रुप व बालीवुड फिल्म अभिनेत्री ग्रेसी सिंह की गीत नृत्य प्रस्तुतियों व रूसी कलाकार अल्बर्ट असादुलीन द्वारा भारतीय सिनेमा के महान कलाकार राजकपूर की फिल्म श्री 420 का गीत मेरा जूता है जापानी… ने दर्शकों को अभिभूत कर दिया।
भव्य समारोह को संबोधित करते हुए केजी अस्पताल कोयम्बटूर के अध्यक्ष पदम श्री डॉ.जी.भक्तवत्सलम ने दादी जानकी को महान मानवीय व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में चल रही संस्था सबसे महान प्रेम की भाषा सिखाती है। सौ वर्ष की उम्र में भी जब दादी जानकी सलाह और दुआयें देती हैं तो महसूस होता है कि जिस भगवान को हम देख नहीं पाते वह मधुबन में बसता है। उन्होंने कहा कि इस संस्था से ग्रहण किए गए संदेश से उनके जीवन में अद्भुत परिवर्तन आया है। और ईश्वर के सत्य को समझने की क्षमता विकसित हुई है।
एस.आर.ई.आई फाउण्डेशन कलकत्ता के अध्यक्ष हरि प्रसाद कनोडिया ने कहा ब्रह्माकुमारीज का ईश्वरीय ज्ञान गांव स्तर तक भी जा पहुंचा है। दादी ओम शांति के मूल मंत्र को जीवन में धारण करने की प्रेरणा देकर सच्ची मानव सेवा कर रही हैं।
राजस्थान पत्रिका के मुख्य संपादक के मुख्य संपादक व जाने-माने चिंतक गुलाब कोठारी ने अपने भावपूर्ण संबोधन में कहा कि कई सालों से जाग्रत जिज्ञासएं आज दादी जानकी व दादी ह्रदयमोहिनी के सानिध्य में वार्तालाप से शांत हुई हैं। ईश्वर ने अपना संदेश संवाहित करने की पत्रता इन दादियों को दी है। आधुनिक युग की शिक्षा भौतिकवाद को प्रोत्साहित करती हैं लेकिन ब्रह्माकुमारीज के मधुबन से विकास व श्रद्धा की भावना संवाहित होती है। यहां से असीम मातृभाव विकसित होता है लेकिन बदलें में किसी वस्तु की अपेक्षा नहीं की जाती। मातृ शक्ति की जो प्रतिष्ठा इस संस्थान में दिख रही है उससे नि:संदेह मूल्य शून्य समाज को नया स्वरूप प्रदान करने की उम्मीदें उठ खड़ी हुई हैं। नयी शांति और आस्था का प्रसार इसी संस्था के कारण अवश्य होगा।
शिव शक्ति ग्रुप हैदराबाद के अध्यक्ष जी.वी.एस.आर. अंजनेयूलु ने कहा कि यहां से ईश्वरीय संदेश प्राप्त करने वाला प्रत्यके व्यक्ति अपने को भाग्यशाली मानता है। समारोह में पधारने पर दादी जानकी व दादी ह्रदयमोहिनी का उपस्थित जन समूह ने अपने स्थान से खड़े होकर करतल ध्वनि के साथ स्वागत किया। शताब्दी समारोह के संगठन सचिव बीके मृत्युंजय ने पुष्पमालाओं व पगडिय़ां भेंटकर के दादी का अभिनंदन करते हुए इस महोत्सव को संस्था के इतिहास का स्वर्णिम दिवस करार दिया।
संस्था की संयुक्त मुख्य प्रशासिका दादी रतनमोहिनी ने उपस्थिति का अवाहन किया कि मिलजुलकर ऐसे संसार की रचना करें जिसमें दु:ख-दर्द कहीं दिखाई न दें। ज्ञानसरोवर की निदेशिका डॉ.निर्मला दीदी ने कहा कि सादा जीवन बिताते हुए हमारा मार्गप्रशस्त करने वाली दादी जानकी कि प्राप्तियां अद्भुत रही हैं।
आस्ट्रेलिया से आए फिल्म निदेशक रोबिन रामसे ने कहा कि मधुबन से मिलने वाली सशक्त दृष्टि से लाखों रास्ते नास्तिक आस्तिक बन गए। ईश्वरीय संदेश से जब विकारों से मुक्ति मिली तब सत्य ज्ञान का साक्षात हुआ।
आचार्य डॉ.लोकेश मुनि ने कहा कि जीवन तो लाखों लोग धारण करते हैं लेकिन दादी जानकी ने अपने जीवन में लाखों लोगों के दिलों में विश्वास और ज्ञान की ज्योति जलाकर एहसास करा दिया कि असली भारत मधुबन की विभूतियों में बसता है। उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम का भी उपस्थिति से आह्वान किया।
श्रीशैल जगदगुरु शंकराचार्य चेन्नासिद्धाराम ने कहा कि राजयोग के माध्यम से दादी नेतृत्व में चल रही संस्था शांति का संदेश विश्व के प्रत्येक कोने में पहुंचा रही है। संत वृंद ने दादी जानकी को दोशाले व स्वर्ण कलश भेंटकर अभिनंदित किया। अहमदाबाद से आए स्वामी अध्यात्मानंद ने दादी जानकी को साधुता सज्जनता व सादगी की सजीव प्रतिमूर्ति बताते हुए कामना की कि प्रत्येक घर तक ब्रह्माकुमारीज के तेजस्व का प्रकाश अनुभव किया जाए।
अमेरिका के अंत:धर्म मंत्री माइकल मोरेन ने कहा मैं शांति की खोज में कई स्थानों पर गया लेकिन शांति का अनुभव ब्रह्माकुमारी संस्था में आकर ही हुआ। उन्होंने विश्व शांति की कामना करते हुए ओम शांति का उद्घोष किया।
रूसी कलाकारों ने जब डाल-डाल पर सोने की चिडिय़ा करती है बसेरा… समूह नृत्य प्रस्तुत किया तो तालियों की गडग़डाहट की कोई सीमा न रही। रूसी गायक द्वारा हिन्दी भजन गायन ने भी खूब रंग जमाया।

 

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शान्त मन से हो सकता  बड़ी बीमारियों का इलाज-राठौड़
देश-विदेश से जुटे हजारों चिकित्सकों को स्वास्थ्य मंत्री का सम्बोधन
 
आबूरोड, 23जनवरी,निसं। शान्त मन से जो विचार किये जाते है उनसे बड़ी से बड़ी बिमारियों का ईलाज सहज हो जाता है। शान्त मन ही शक्तिशाली होता है अैार यही कारण है कि जो कार्य आज बड़े से बड़े डॉक्टर नहीं कर सकते वो आध्यात्मिक शक्ति से परिपूर्ण मन कर देता है। उक्त विचार व्यक्त किये राजस्थान सरकार के स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौर ने। वे ब्रह्माकुमारीज संस्था के शान्तिवन परिसर में आयोजित 32वें माईन्ड बॉडी मेडीसीन कार्यक्रम में देश-विदेश से आये हजारों डॉक्टरों को सम्बोधित कर रहे थे। 
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों की अनेक रिसर्च बताती है कि शरीर की कई बिमारियों की वजह केवल हमारे मन के ही नकारात्मक और तनावपूर्ण विचार ही होते है। अत: अगर शान्त मन से निर्मल विचार लाना मानव सीख जाये तो बहुत सी बिमारियाँ तो जड़ से ही खत्म हो जायेगी। आज राजस्थान में इस संस्था का होना हमारे लिये सौभाग्य पूर्ण है क्योंकि यहाँ जो राजयोग का प्रशिक्षण दिया जाता है वह एक तरह से मानव को सम्पूर्ण निरोगता प्रदान करता है।
 
इस अवसर पर संस्था की मुख्य प्रशासिका दादी जानकी तथा संयुक्त मुख्य प्रशासिका दादी रतनमोहिनी  ने कहा कि इन्सान ने अपने विचारों को जितना अपने में सीमित कर दिया है उतनी ही उसकी जिन्दगी भी सीमित होती जा रही है। यहीं कारण है कि आज सब तरह के सुविधायें होते भी मानव अपना स्वास्थ्य ठीक रखने में सक्षम नहीं है। अत: हमें चाहिये कि हम अपने आप में सीमित ना रहकर दूसरों के काम आये और खुशनुमा जिन्दगी जियें क्योंकि खुशी से बड़ी कोई दवा दुनिया में है ही नहीं। संस्था प्रमुख दादी जानकी ने शॉल ओढ़ाकार सम्मानित किया। 
 
कार्यक्रम में प्रख्यात वक्ता बीके शिवानी ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज डॉक्टरर्स को चाहिये कि वे शरीर के स्वास्थ्य के साथ-साथ मन को स्वस्थ रखने की विधि सीखे जिससे कि पेशेन्ट जल्दी से जल्दी अपना स्वास्थ्य पा सकें। 
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International Compassion Day Celebrations

At Indus University,​ ​Ahmadabad ‘International Compassion – Mahakaruna Day’ was organised by Mahabodhi International Meditation Centre, Leh-Ladakh.

Gujarat Governor H.​ ​E. O.​ ​P.​ ​Kohli during his address to Renowned Spiritual Leaders at Governor House emphasized the practice of ‘ Compassion’ during in this atmosphere of violence and insecurity in the world. Governor during meeting with Dr.​ ​Binny appreciated the contributions of Peace and Compassion activities by Brahma Kumaris. ​​Dr.B.K.Binny of Global Hospital was invited in this Prog. as a speaker.

In this Prog​ramme eminent speakers-President- Mahabodhi International Meditation Center- Bhikkhu Sanghasena, H.H Swami Madhavpriyadasji, Swaminaryan SGCP,​ ​Ahm​edabad, Acharya Lokesh Muni ji,​ ​Founder of Ahimsa Vishwa Bharti Delhi, Maulana Luqman,​ ​President Global Imam council Jama​ ​Masjid Anand, Padma Shri Kalpana Sarojji, Bodhi Ven​, ​​Bhadant Rahaul​, Shri Ramdas Attawale Hon. M.P from Mumbai, Dr. Nagesh Bhandari, President Indus University and many dignitaries were present​.

 

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आध्यात्मिक उन्नति से ही सर्वागिण समाज का विकास सम्भव: फडणवीस
समाज के हर वर्ग में हो मूल्यों की पहल

आबू रोड,   आज समाज में गिरते मूल्य आने वाली पीढ़ी और समाज के लिए चिंता का विषय है। परन्तु इसके लिए जरूरी है कि समाज के सभी वर्गों में आध्यात्मिकता और नैतिक मूल्यों को अपनाने का प्रयास किया जाये। उक्त उदगार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र

​फडणवीस  ने व्यक्त किये। वे
​​ब्रह्माकुमारीज संस्था डायमंड हॉल में आयोजित कार्यक्रम में सम्बोधित कर रहे थे।   आगे उन्होंने कहा कि चाहे राजनीतिक क्षेत्र हो या कोई भी वर्ग यदि में उसमें सर्वागिण विकास एवं बेहतर व्यवस्था करनी है तो उसके लिए मानवीय मूल्यों को आत्मसात करने की जरूरत है। ब्रह्माकुमारीज संस्थान पूरे विश्व में जिस तरह मूल्यों के लिए प्रयास कर रहा है वह सराहनीय है। लोग केवल महिलाओं को आगे लाने की बात करते है परन्तु केवल ब्रह्माकुमारीज संस्थान ही ऐसा संस्थान है जिसके शीर्ष पर लेकर नीचे तक महिलायें नेतृत्व कर रही है। इससे बड़ा महिला सशक्तिकरण और कुछ नहीं हो सकता। दादी से मिलने के बाद जो यहॉं उर्जा मिली वह कहीं नहीं मिली। बाहर के संगठनों में केवल वाह्य विकास की बात की जाती है परन्तु इस संस्थान में आंतरिक विकास को बल दिया जाता है।
संस्था प्रमुख राजयोगिनी दादी जानकी ने कहा कि आज महिलाओं और परिवारों की सुरक्षा के पारिवारिक स्तर पर सभी को श्रेष्ठ और मूल्यनिष्ठ सामग्री उपलब्ध करायी जाये। राजयोग ध्यान ही एक ऐसा माध्यम है जिससे जीवन में सुखद एवं शांति की अनुभूति की जा सकती है। संस्था की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी ह्दयमोहिनी ने राजनीति में भी राजयोग ध्यान को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया।

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Run for Road Safety was a huge success with nearly 5000 participating in it, finishing on a musical note.

The Brahma Kumaris’ Transport and Travel Wing (TTW) and RTO, Borivali joins National Road Safety Week campaign and organized ‘Fun Run… Run for Road Safety’ on Sunday 10th January, 2016 at 6.00 am from St Francis Ground, Borivali. It was a 5 km and 10 km run that started and finished at St Francis Ground, Mt Poinsur, Borivali (W).

All the dignitaries present univocally supported the Road Safety awareness efforts, citing need for change in road behaviors like road rage and non-adherence to traffic rules. They congratulated the participants for successfully completing the run and wishing all to drive safely for themselves and for others. Sonu Nigam expressed his sadness to note that people followed traffic rules in other countries, why should it not happen in India also. Singer Sadhna Sargam said that road safety was important for life and asked all to drive safely to live longer. Sunil Grover, of the ‘Gutthi’ fame on Comedy nights with Kapil Show, appreciated the RTO personnel for their diligent efforts all year round.

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साधू वासवानी मिशन – पुणे की और से मिट्लेस डे के उपलक्ष्य में पिंपरी मे महारैली का आयोजन किया गया था| उसमे विशेष ब्रह्माकुमारिज की और से स्वर्णिम आहार और राम राज्य ऐसी 2 झाकिया बनाई थी | साधू वासवानी मिशन के प्रमुख दादा वासवानी जी स्वयम अपने विशेष रथ में उपस्थित थे | उनके दर्शन के लिए सारा सिन्धी समाज उमड़ पड़ा था | इसी रैली में ब्रह्माकुमारिज पिंपरी की और से सतयुगी स्वर्णिम आहार और आनेवाली दैवी दुनिया रामराज्य के बारे में अलग अलग झाकी और कमेंट्री के द्वारा सन्देश दिया गया

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baba

Limca Book of Records Event to Welcome Dadi Ratanmohini ji at Narnaul (HR)

नारनौल: परमात्मा द्वारा दी गई शिक्षा से जीवन को खुशनुमा बनाना बहुत सहज है। परमात्मा हमें आध्यात्मिक शक्तियों से सम्पन्न बनाकर श्रेष्ठ कर्म करना सिखाता है। माउण्ट आबू से पधारी ब्रह्माकुमारी संस्था की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा पुलिस लाईन ग्राउण्ड में आयोजित `खुशनुमा जीवन का पैगाम, आपके नाम’ विषय पर आयोजित विशाल कार्यक्रम में उमड़े जनसैलाब को सम्बोधित करते हुए आगे कहा कि वर्तमान समय में मानव अपने जीवन में तनाव और परेशानियों से बहुत दुखी व निराश है। ऐसे समय में खुद को आत्मा समझकर परमात्मा को याद करें तो स्वयं में दिव्य शक्ति भरेगी जिससे जीवन में खुशहाली की नई राह मिल सकती है। इसलिए स्वयं को और परमपिता परमात्मा को पहचानना जरूरी है। उन्होंने कहा कि परमात्मा की याद से मन को पवित्र एवं कर्मों को श्रेष्ठ बनाने की योग्यता आती है व मन की पवित्रता से सच्चे आनन्द का अनुभव करके जीवन को खुशनुमा बना सकते हैं।
ब्रह्माकुमारी॰ज द्वारा पुलिस लाईन ग्राउण्ड में आयोजित `खुशनुमा जीवन का पैगाम, आपके नाम’ कार्यक्रम में विशेष आकर्षण का केन्द्र थे 359 नन्हें `श्रीकृष्ण’। हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित `गीता जयन्ति महोत्सव’ के अवसर पर ब्रह्माकुमारी॰ज के प्रयासों से बड़ी संख्या में श्रीकृष्ण की ड्रेस में बच्चे एकत्रित हुए। नारनौल और आसपास के कस्बों और गांवों से श्रीकृष्ण की ड्रेस में एकत्रित 359 बच्चे मानों सभा में उपस्थित 6000 लोगों को जीवन का आनन्द लेने के लिए प्रेरित कर रहे थे। इस आयोजन को लिम्का बुक ऑफ रिकार्डस में नाम दर्ज कराने के लिए पुणे से आये दीपक हरके ने सभी `श्रीकृष्ण’ बच्चों को मंच पर बुलाकर सभी को श्रीकृष्ण के साक्षात दर्शन कराए।
मुम्बई से पधारे जीवन प्रबंधन ट्रेनर स्वामीनाथन ने सभी को जीवन में खुश रहने के लिए तन और मन दोनों को स्वस्थ और सशक्त बनाने की टिप्स देते हुए कहा कि शरीर को शुद्ध भोजन और मन को शुद्ध विचारों की खुराक से स्वस्थ रखेंगे तो जीवन सदा खुशनुमा रह सकता है। ईलाहाबाद से पधारी बी. के. मनोरमा ने जीवन में खुशहाली के लिए दूसरों को देखने के बजाय स्वयं को देखने की सीख देते हुए कहा कि स्वयं को सुखी रखने के लिए अपने अन्दर छिपी हुई शक्तियों को जागृत करें। परमात्मा के साथ सम्बन्ध जोड़कर नियमित रूप से उसका ध्यान करें तो परमात्मा हमें इतना सम्पन्न बना देगा कि किसी चीज की कमी नहीं रहेगी और हम जीवन में खुश रह सकेंगे। उन्होंने सभी को राजयोग के अभ्यास द्वारा शांति की अनुभूति कराई।
मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए हरियाणा विधानसभा की डिप्टी स्पीकर बहन संतोष यादव ने कहा कि जीवन को खुशनुमा बनाने की कला सिखाने का कार्य तो यह महान और पवित्र आत्मायें ही कर सकती हैं। हम श्ुक्रगुजार हैं ब्रह्माकुमारी सेवाकेन्द्र की संचालिका रतन दीदी के जो इतना भव्य कार्यक्रम हमारे नारनौल में आयोजित किया है। मैं मानती हूँ कि अपने विचारों को शुद्ध बनाकर ही हम खुश रह सकते हैं और तनाव से मुक्त हो सकते हैं। फरीदाबाद से आयी बी.के. उषा ने सभी का स्वागत किया तथा नारनौल के विधायक ओमप्रकाश यादव ने दादी रतनमोहिनी जी को हर वर्ष आने का अनुरोध करते हुए सभी मेहमानों का तथा सभी नागरिकों का धन्यवाद किया।