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​Dr. B.K.Binny addressed as a Guest of Honour at Inaugural session of National Seminar on ”Positive Psychology And Spirituality for Holistic Health​ at Amity University Noida Delhi. Eminent Scientists and Scholars , Psychologists, University Department Heads and more than one thousand Amity University Psychology Students and Researchers were present in this seminar.
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Dr. B.K.Binny addressed and presented research paper on subject ”Spirituality and Holistic Wellness”. She also presented Brahma Kumaris and Global Hospital Mount Abu significant contributions to society in Healthy life style through application of Spirituality and Meditation.

In this seminar Dr. W. Selvamurthy, President,​ ​ASTIF, Vice Chancellor Dr. Prof Balvinder Shukla Amity, Dr.I.V Basavaraddi- Director Morarji Desai Institute of Yoga, Ministry of Ayush, Dr. Prof. Abha Singh Dean and Director Amity Institute of Psychology and Allied Sciences and Sh.​ ​Balvinder Kumar, ISA, Secretary, Ministry of Mines, Gov. of India and many eminent University experts from different parts of India addressed and also presented Scientific Papers. B.K. Ashima of Noida centre was also present in this prog.

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आबू रोड, 17अप्रैल, निसं। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की मुख्य प्रशासिका राजयेागिनी दादी जानकी को विश्व में भारतीय संस्कृति तथा मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने के विशेष और सराहनीय कार्यो के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन दिल्ली के द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय मदर टेरेसा विशिष्ट समाज सेवा के सम्मान से नवाजा गया। यह सम्मान मानवाधिकार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा महेश पटेेल, प्रथम अन्तर्राष्ट्रीय मदर टेरेसा सम्मान से नवाजित तथा संगठन के संरक्षक डॉ आलोक सोनी एवं संगठन के विशिष्ट पदाधिकारियों द्वारा दादी जानकी के आवास पर प्रदान किया गया।

इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष डा महेश पटेल ने कहा कि यह हमारे संगठन के लिए गौरव की बात है कि हम दुनिया की ऐसी विभूति को सम्मानित कर रहे है जिन्होंने नारी शक्ति का मिसाल पेश करते हुए पूरे विश्व में मानवता का दीपक जलाया है। भारतीय संस्कृति और मूल्यों के बीजारोपण से विश्व के कोने कोने के लोगों में आत्मीयता का भाव पैदा किया है। दुनिया में पहली महिला संस्थान का प्रतिनिधित्व करते हुए दादी जी ने नारी को शक्ति स्वरूपा बनाकर एक नयी समाज के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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कार्यक्रम में दादीजी ने सभी को आशिवर्चन देते हुए कहा कि यह मनुष्य का प्रथम कर्म होना चाहिए कि वह समस्त मानव जाति को एकता, भाईचारा और सहिष्णुता के धागे में पिराये। इससे ही मानव जाति की रक्षा होगी और एक बेहतर समाज की स्थापना होगी। इसके पश्चात अतिथियों ने दादी को शॉल ओढ़ाकर तथा मोमेटों भेंटकर सम्मानित किया।

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ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका का धूमधाम से मनाया गया जन्मदिन

 
12 अप्रैल, शान्तिवन। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका तथा युवा प्रभाग की राष्ट्रीय संयोजिका

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दादी रतनमोहिनी का 93वाँ जन्मदिन संस्थान के अन्तर्राष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर संस्था की मुख्य प्रशासिका दादी जानकी समेत सभी वरिष्ठ पदाधिरी उपस्थित थे।

 
संस्था प्रमुख दादी जानकी ने उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि रतनमोहिनी दादी आज संस्थान की सेवाओं में जो अपना सहयोग दे रही है, इससे सभी कार्य पूर्णरूपेण सफल होते जा रहे है। आज अपने 93वें वर्ष में भी दादी में जो अथकपन, सेवाओं का उमंग दिखाई देता है वह सभी युवाओं के लिए भी प्रेरणास्त्रोत है। संस्थान को दादी का अकल्पनीय सहयोग मिल रहा है।
 
इस अवसर पर संस्थान की घाटकोपर सबजोन प्रभारी बीके नलिनी ने कहा कि दादी हमारे लिए सदा ही प्रेरणा की स्त्रोत रही है। आदरणीय दादी का इतना बड़ा पदाभार होते हुए भी सदा परमात्म स्मृति में समाये हुए तथा सर्व सेवाकार्यों को पूर्ण करने की कला हमारे लिए अनुकरणीय है। 
 
दादी ने बोया विदेश सेवा का बीज: 
 
इस अवसर पर संस्थान के महासचिव बीके निर्वैर ने दादी द्वारा की गई सेवाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में संस्थान की लगभग पूरे विश्व में शाखायें है। पूरे विश्व में ब्रह्माकुमारीज़ ने जो आध्यात्मिक क्रान्ति लाई है उस क्रान्ति का बीजारोपण भी सर्वप्रथम संस्था की पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी प्रकाशमणि के साथ-साथ दादी रतनमोहिनी ने ही किया था। 
 
इस अवसर पर संस्थान की कार्यक्रम निर्देशिका बीके मुन्नी, संस्थान के मल्टीमीडिया अध्यक्ष बीके करूणा, कार्यकारी सचिव बीके मृत्युंजय, महाराष्ट्र जोन प्रभारी बीके संतोष तथा अन्य वरिष्ठ सदस्य मौजूद थे। इस अवसर पर देश-विदेश से आये लगभग 25000 लोग सम्मिलित हुए तथा अनेक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गई।

 

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सभ्यता और संस्कृति ने प्राचीन काल में विश्व को वातावरण स्वच्छ रखना,सद्भाव और सदाचार जैसे गुणों को अपनाते हुए जीवन जीने का दिया है संदेश वर्तमान में भी ऐसे संदेशों को अंगीकृत करने की जरूरत : मुख्यमंत्री मनोहर लाल
करनाल 2 अप्रैल, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय करनाल सेक्टर 7 द्वारा कर्मा एंड डेस्टिनी पर एक अध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमे बतौर मुख्यातिथि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल जी ने कहा कि भारतीय संस्कृति ने प्राचीन काल में विश्व को वातावरण स्वच्छ रखना, तरंगे अच्छी करना, सद्भाव और सदाचार जैसे गुणों को अपनाते हुए जीवन जीने का संदेश दिया है। आज फिर इसी प्रकार का वातावरण बनाने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में हम अपने व्यवहार और आचरण की बदौलत सतयुग से कलयुग में प्रवेश कर गए है, लेकिन वह दिन दूर नहीं जब हम पुन: सतयुग में प्रवेश करेंगे। इसके लिए हमें संतो व ऋषि मुनियों द्वारा बताएं गए मार्ग का अनुसरण करना होगा और ऐसा करने से समाज में अतुलनीय परिवर्तन देखने को मिलेगा। लोगों की अपराधिक प्रवृति लगभग समाप्त हो जाएगी तथा पुलिस व जेलों के कार्यबोझ में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि हमें अपने व्यवहार में बदलाव लाने की आवश्यकता है। आज हम दो-तीन घंटे आध्यात्मिक प्रवचन सुनने उपरांत अपने पुराने व्यवहार को तुरंत अपना लेते है,जबकि आध्यात्म को बनाये रखना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम नवरात्रों में तो सात्विक भोजन ग्रहण करते हुए अपने मन को सात्विक रखने का प्रयास करते है,लेकिन नवरात्रों के बाद अपनी पुरानी प्रवृति में ढल जाते है,यह सही नहीं है। हमें अपने मन को नियंत्रित करते हुए सद्मार्ग पर चलने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज समाज में दो प्रकार के व्यक्ति मिलते है,एक वह जो हमेशा अच्छे मार्ग का अनुसरण करते है और दूसरे वह जो अपराधिक गतिविधियों में भाग लेते है। दुर्भाग्यपूर्ण दूसरी प्रकार के लोगों की पंक्ति लम्बी है, हमें अपनी शक्ति को पहचानते हुए इन लोगों को भी सदाचार के मार्ग पर लाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय इस दिशा में बेहतर कार्य कर रहा है और इस दिशा में आगे बढऩे के लिए हरियाणा सरकार भी अपना हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है।

इस मौके पर उपस्थित ब्रह्माकुमारी शिवानी बहन ने कर्म और भाग्य विषय पर विस्तार से बताते हुए कहा कि हम अपने जीवन में जैसा कर्म करते है, भविष्य में हमें उसी प्रकार फल मिलता है। हम ही अपने भाग्यविधाता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य कईं बार अपने भूतकाल में इस प्रकार के अनैतिक व अनुचित कार्य कर बैठता है,जिसका उसे भविष्य में लम्बे समय तक भुगतान करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में मनुष्य धन कमाने की दौड़ में लगा हुआ है, उसे धन के अलावा अन्य कोई वस्तु नजर नहीं आती। अपनी इस प्रवृति के कारण वह सामने वाले का अहित भी करने को तैयार है। ऐसा धन हमारे सुखों का नहीं अपितू दुखों का कारण बनता है। उन्होंने कहा कि हमें केवल सात्विक धन ही कमाना चाहिए, इससे हमारा तन भी सात्विक होगा और मन भी मनुष्य श्रेष्ठता की ओर अग्रसर होगा।

बीके शिवानी बहन ने प्रवचनों में समाहित संदेश को आगे बढ़ाते हुए कहा कि मनुष्य अपनी बुराई रूपी काली बॉल को अपने वचनों के माध्यम से दूसरों को भेजता है, लेकिन वह यह नहीं समझता कि यह बुराई रूपी काली बॉल दोबारा फिर उसकी तरफ आने वाली है। सरल शब्दों में इसका मतलब समझाते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य कईं बार किसी दूसरे व्यक्ति का अहित या बुरा करता है। उसे यह समझना चाहिए कि जैसा वह करेगा वैसा ही उसे मिलने वाला है। इसलिए मनुष्य को हमेशा दूसरे को दुआएं ही भेजनी चाहिए व किसी को दुख नहीं देना चाहिए। जिंदगी में लोग धन तो कमाते है लेकिन दुआएं नही कमाते। लेकिन जो आदमी दुआएं कमा लेता है,धन उसके पास स्वत: ही चला आता है। प्रकृति के इस विधान को समझने की जरूरत है।

इस मौके पर घरौंडा के विधायक एवं हैफेड के चेयरमैन हरविन्द्र कल्याण , मेयर रेणूबाला गुप्ता, श्रीमती सुमन मंजरी (I.P.S. I.G. हरियाणा) एवं नीलोखेड़ी के विधायक बीजेपी के जिलाध्यक्ष भगवानदास कबीरपंथी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए संस्था के कार्यो की सरहना की |

इस मौके पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल जी तथा स्टेज पर उपस्थित अन्य अतिथियों ने ज्योति प्रज्जवलित की

करनाल सब जोन की इंचार्ज राजयोगिनी प्रेम दीदी ने कार्यक्रम का कुशल सचालन किया तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से मुख्यमंत्री मनोहर लाल सहित सभी विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया |